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नागौर फैक्ट्री ब्लास्ट में 500 फीट दूर जाकर गिरा युवक का हाथ, पैर अब भी लापता; कलेक्टर ने मानी प्रशासनिक चूक

 
नागौर फैक्ट्री ब्लास्ट में 500 फीट दूर जाकर गिरा युवक का हाथ, पैर अब भी लापता; कलेक्टर ने मानी प्रशासनिक चूक

राजस्थान के नागौर जिले के बड़ली इलाके में पटाखा फैक्ट्री के बारूद गोदाम में हुए भीषण विस्फोट ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। धमाका इतना जोरदार था कि हादसे में मारे गए दोनों भाइयों के शवों के टुकड़े करीब 500 फीट दूर तक जा गिरे। एक युवक का हाथ पास के घर के बाड़े में मिला, जबकि शवों के अवशेष जुटाने के बावजूद एक पैर का अब तक पता नहीं चल पाया है।

हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, फैक्ट्री में एक के बाद एक तीन धमाके हुए। गुरुवार सुबह हुए इस विस्फोट में दो भाइयों की मौत हो गई थी। धमाके के बाद आसपास के इलाके में दहशत फैल गई।

तीन धमाकों के बाद फैक्ट्री की तरफ दौड़े लोग

फैक्ट्री के पास रहने वाले सीताराम ने बताया कि विस्फोट की आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल की तरफ भागे, लेकिन लगातार धमाकों के कारण सभी सहम गए। उन्हें डर था कि कहीं दोबारा विस्फोट न हो जाए।

सीताराम के अनुसार, धमाके के कारण एक युवक का हाथ उनके घर के बाड़े में आकर गिरा। फैक्ट्री की छत के करीब 7 किलो वजनी पत्थर भी दूर तक जा गिरे। दोनों भाइयों के शवों के टुकड़े करीब 150 मीटर यानी 500 फीट दूर तक बिखर गए थे।

एक पैर का अब तक नहीं मिला सुराग

तहसीलदार नर सिंह राम टाक ने बताया कि घटनास्थल से मिले शवों के अवशेषों में एक पैर अब भी गायब है। प्रशासन की ओर से घटनास्थल पर मिले बॉडी पार्ट्स को जुटाने की कार्रवाई की गई।

लाइसेंस रिन्यू नहीं हुआ, सालाना निरीक्षण भी नहीं किया गया

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पटाखा फैक्ट्री का लाइसेंस रिन्यू नहीं हुआ था। कलेक्टर ने भी फैक्ट्री के मामले में चूक होने की बात स्वीकार की है। उन्होंने माना कि फैक्ट्री का सालाना निरीक्षण नहीं किया गया था।

अब हादसे के बाद फैक्ट्री के लाइसेंस, नवीनीकरण और सुरक्षा इंतजामों की जांच की जाएगी। यह भी पता लगाया जाएगा कि लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं होने और नियमित निरीक्षण के अभाव के बावजूद वहां बारूद का काम कैसे चल रहा था।

इस भीषण हादसे ने फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था और संबंधित विभागों की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।