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पशु व्यापारियों से मारपीट का असर नागौर के श्री रामदेव पशु मेले पर, घटती रौनक से व्यापारी चिंतित

 
पशु व्यापारियों से मारपीट का असर नागौर के श्री रामदेव पशु मेले पर, घटती रौनक से व्यापारी चिंतित

पशुओं को लाने-ले जाने वाले व्यापारियों के साथ हो रही मारपीट की घटनाओं का सीधा असर नागौर जिले में आयोजित हो रहे प्रसिद्ध श्री रामदेव पशु मेले पर देखने को मिल रहा है। इन घटनाओं के चलते पशु व्यापारियों में भय का माहौल बन गया है, जिसका नतीजा यह है कि मेले में इस बार अपेक्षाकृत कम संख्या में व्यापारी और पशु पहुंच रहे हैं। इसका असर मेले की रौनक पर साफ नजर आ रहा है।

नागौर का श्री रामदेव पशु मेला राजस्थान के प्रमुख पशु मेलों में गिना जाता है। हर साल इस मेले में प्रदेश ही नहीं, बल्कि आसपास के राज्यों से भी हजारों पशु व्यापारी अपने पशुओं के साथ पहुंचते हैं। ऊंट, घोड़े, गाय, भैंस और अन्य पशुओं की खरीद-फरोख्त के लिए यह मेला खास पहचान रखता है। लेकिन इस बार पशु व्यापारियों के साथ हो रही मारपीट और विवादों की खबरों ने व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है।

व्यापारियों का कहना है कि रास्ते में पशुओं को लेकर उन्हें बार-बार रोका जा रहा है और कुछ जगहों पर उनके साथ मारपीट तक की जा रही है। इस कारण कई व्यापारी या तो मेला स्थल तक पहुंच ही नहीं पा रहे हैं या फिर डर के चलते अपने पशुओं को लाने से परहेज कर रहे हैं। कई व्यापारियों ने बताया कि पहले जहां वे बड़ी संख्या में पशु लेकर मेले में आते थे, इस बार उन्होंने संख्या काफी कम कर दी है।

मेले में पशुओं की संख्या घटने का असर खरीद-फरोख्त पर भी पड़ रहा है। पशु खरीदने आने वाले किसानों और ग्राहकों को मनचाहे पशु नहीं मिल पा रहे हैं। वहीं, स्थानीय दुकानदारों और अस्थायी व्यापारियों का कहना है कि मेले में भीड़ कम होने से उनकी बिक्री भी प्रभावित हुई है।

आयोजकों और प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। व्यापारियों ने मांग की है कि पशुओं के आवागमन के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि वे बिना डर के अपने पशु मेला स्थल तक ला सकें। व्यापारियों का कहना है कि अगर जल्द ही हालात नहीं सुधरे तो आने वाले दिनों में मेले की रौनक और भी फीकी पड़ सकती है।