नई ग्राम पंचायत की मांग को लेकर उग्र हुए मांझवास के ग्रामीण, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
नागौर जिले के ग्राम मांझवास को नई ग्राम पंचायत का दर्जा देने की मांग को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। लंबे समय से लंबित इस मांग पर कोई ठोस निर्णय नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने अब उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। इसी क्रम में ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने साफ तौर पर कहा है कि यदि उनकी वाजिब मांगों पर शीघ्र गौर नहीं किया गया, तो वे आगामी दिनों में आंदोलन को और तेज करेंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ने पर वे धरना-प्रदर्शन, विरोध रैली और प्रशासनिक कार्यों के बहिष्कार जैसे कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उनका कहना है कि मांझवास की आबादी, भौगोलिक स्थिति और प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए इसे नई ग्राम पंचायत बनाना पूरी तरह उचित और जरूरी है।
ग्रामीणों का तर्क है कि वर्तमान ग्राम पंचायत मुख्यालय से मांझवास की दूरी अधिक है, जिससे उन्हें रोजमर्रा के कामों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, पेंशन, राशन कार्ड, सड़क, पानी और बिजली से जुड़े कार्यों के लिए ग्रामीणों को बार-बार दूर जाना पड़ता है। इससे न सिर्फ समय और पैसा बर्बाद होता है, बल्कि बुजुर्गों, महिलाओं और विद्यार्थियों को खासा कठिनाई झेलनी पड़ती है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि मांझवास गांव की जनसंख्या लगातार बढ़ रही है और क्षेत्र का विस्तार भी हो रहा है। इसके बावजूद प्रशासनिक सुविधाएं उसी अनुपात में उपलब्ध नहीं हैं। नई ग्राम पंचायत बनने से गांव का विकास तेजी से होगा और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंच सकेगा। ग्रामीणों का कहना है कि आसपास के कई छोटे गांवों को पहले ही ग्राम पंचायत का दर्जा दिया जा चुका है, लेकिन मांझवास को अब तक इससे वंचित रखा गया है, जो उनके साथ अन्याय है।
