राजस्थान के स्कूलों में NCERT किताबों की कमी, बाजार में धड़ल्ले से बिक रही पायरेटेड कॉपियां
Rajasthan के सरकारी स्कूलों में जहां एक ओर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की किताबों की सप्लाई पूरी तरह से नहीं पहुंच पाई है, वहीं दूसरी ओर बाजार में इन किताबों की हूबहू पायरेटेड कॉपियां खुलेआम बिकती नजर आ रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, कई जिलों में स्कूलों में विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं, जिससे पढ़ाई प्रभावित होने की स्थिति बन रही है। इसी कमी का फायदा उठाते हुए कुछ बुक सेलर्स द्वारा अवैध रूप से छपी NCERT किताबों की कॉपियां बाजार में उतारी जा रही हैं।
जानकारी के मुताबिक, ये पायरेटेड किताबें दिखने में बिल्कुल असली जैसी हैं, जिससे अभिभावक और छात्र आसानी से भ्रमित हो जाते हैं। हालांकि इनकी गुणवत्ता, प्रिंट और सामग्री में अंतर होता है, लेकिन कीमत कम होने के कारण कई लोग इन्हें खरीदने को मजबूर हो रहे हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पायरेटेड किताबों का उपयोग छात्रों की शिक्षा की गुणवत्ता पर असर डाल सकता है, क्योंकि इनमें कई बार प्रिंटिंग और कंटेंट की गलतियां होती हैं। साथ ही यह पूरी तरह से कानून के खिलाफ भी है।
NCERT और शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है कि किताबों की सप्लाई समय पर सुनिश्चित की जाए, ताकि छात्रों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं, अवैध प्रकाशन और बिक्री पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता भी जताई जा रही है।
Rajasthan Education Department की ओर से इस मामले पर निगरानी बढ़ाने की बात कही जा रही है और बाजारों में छापेमारी की संभावना भी जताई जा रही है, ताकि नकली किताबों की बिक्री पर रोक लगाई जा सके।
फिलहाल स्थिति यह है कि एक तरफ सरकारी स्कूलों में किताबों की कमी बनी हुई है, तो दूसरी तरफ बाजार में नकली किताबों की भरमार है, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
