Aapka Rajasthan

नागौर के बाईसर-ताऊसर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य समापन

 
नागौर के बाईसर-ताऊसर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य समापन

नागौर जिले के समीप स्थित गांव बाईसर-ताऊसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का रविवार को श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में समापन हुआ। यह धार्मिक आयोजन ताऊसर के मूल निवासी एवं वर्तमान में हैदराबाद प्रवासी भाटी परिवार के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

सात दिनों तक चली इस श्रीमद्भागवत कथा में कथा वाचक ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्त प्रह्लाद की भक्ति, राजा परीक्षित और शुकदेव जी की कथा सहित भागवत के विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान भक्ति संगीत, भजन और कीर्तन से पूरा पांडाल कृष्णमय बना रहा। श्रद्धालु हर दिन बड़ी संख्या में कथा स्थल पर पहुंचकर धर्म लाभ लेते नजर आए।

कथा आयोजन के दौरान धार्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ सामाजिक समरसता का भी संदेश दिया गया। कथा वाचक ने अपने प्रवचनों में बताया कि श्रीमद्भागवत कथा मानव जीवन को सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है और समाज में प्रेम, करुणा और भाईचारे की भावना को मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला मार्गदर्शक है।

समापन दिवस पर हवन-यज्ञ और पूर्णाहुति का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने आहुतियां दीं। इसके बाद भव्य आरती और प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। महिलाओं ने मंगल गीत गाए, वहीं बच्चों और युवाओं ने भी कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लिया।

आयोजन से जुड़े भाटी परिवार के सदस्यों ने बताया कि गांव में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह कथा आयोजित की गई थी। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं, ग्रामीणों और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह सात दिवसीय आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।

स्थानीय ग्रामीणों ने भी आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के धार्मिक कार्यक्रमों से गांव में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आपसी मेलजोल बढ़ता है। आयोजन के दौरान व्यवस्था, अनुशासन और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे सभी श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।

श्रीमद्भागवत कथा के समापन के साथ ही गांव बाईसर-ताऊसर में भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने आयोजन को यादगार बताते हुए भविष्य में भी ऐसे धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन की कामना की।