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OBC सर्वे के आंकड़ों पर रावणा राजपूत समाज का विरोध, निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

 
OBC सर्वे के आंकड़ों पर रावणा राजपूत समाज का विरोध, निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग (OBC Commission) की ओर से जारी किए गए सर्वेक्षण के आंकड़ों को लेकर रावणा राजपूत समाज ने विरोध जताया है। समाज के प्रतिनिधिमंडल ने खींवसर उपखंड अधिकारी (SDM) के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर सर्वे रिपोर्ट की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि OBC सर्वेक्षण में शामिल किए गए आंकड़ों को लेकर कई तरह की शंकाएं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सर्वे की प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव रहा है और वास्तविक सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को सही तरीके से प्रस्तुत नहीं किया गया है।

ज्ञापन में रावणा राजपूत समाज ने मांग की कि जारी किए गए आंकड़ों की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। समाज प्रतिनिधियों ने कहा कि किसी भी समुदाय से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले सही और प्रमाणिक आंकड़े होना आवश्यक है।

सर्वे में पारदर्शिता की मांग

समाज के लोगों ने कहा कि OBC वर्ग से जुड़े सर्वेक्षण सरकार की नीतियों और योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आधार होते हैं। ऐसे में आंकड़ों में किसी भी प्रकार की त्रुटि या कमी से समाज के अधिकार और हित प्रभावित हो सकते हैं।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि सर्वेक्षण की पूरी प्रक्रिया, आंकड़ों के संग्रहण और उनके विश्लेषण की समीक्षा कराई जाए। साथ ही उन्होंने भविष्य में होने वाले ऐसे सर्वे में समाज के प्रतिनिधियों को भी शामिल करने की मांग रखी।

ज्ञापन सौंपकर जताई नाराजगी

रावणा राजपूत समाज के प्रतिनिधियों ने खींवसर SDM कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन दिया। इस दौरान समाज के लोगों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचा रहे हैं और उम्मीद है कि उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार किया जाएगा।

समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर निष्पक्षता और पारदर्शिता सबसे जरूरी है। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द मामले की जांच कर उचित कदम उठाने की मांग की।

सरकार से कार्रवाई की उम्मीद

ज्ञापन के माध्यम से समाज ने मुख्यमंत्री से OBC सर्वेक्षण के आंकड़ों की समीक्षा, निष्पक्ष जांच और आवश्यक सुधार की मांग की है। अब समाज की नजर सरकार की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर है।

रावणा राजपूत समाज का कहना है कि सही आंकड़े ही सामाजिक नीतियों का आधार बन सकते हैं, इसलिए सर्वेक्षण में किसी भी प्रकार की गलती को दूर करना जरूरी है।