तीन साल में ओवरस्पीडिंग पर सख्ती, इंटरसेप्टर से 52 हजार से अधिक चालान, 5.23 करोड़ रुपये वसूले गए
प्रदेश में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन, विशेषकर ओवरस्पीडिंग के मामलों में कड़ी कार्रवाई के तहत पिछले तीन साल में इंटरसेप्टर वाहन प्रणाली के माध्यम से 52,000 से अधिक चालान काटे गए। इन चालानों से कुल 5 करोड़ 23 लाख 45 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई मुख्य रूप से हाईवे और शहर की व्यस्त सड़कों पर की गई, जहां तेज रफ्तार वाहनों से दुर्घटना का खतरा अधिक रहता है। इंटरसेप्टर तकनीक का उपयोग कर तेज रफ्तार वाहन चालकों की पहचान कर उनसे तत्काल जुर्माना वसूला गया।
ट्रैफिक अधिकारियों ने बताया कि यह कदम सड़क सुरक्षा बढ़ाने और सड़क हादसों को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। ओवरस्पीडिंग के कारण होने वाली दुर्घटनाओं और मानव जीवन को होने वाले नुकसान को रोकना प्रमुख उद्देश्य है।
अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी इंटरसेप्टर और अन्य आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल जारी रहेगा ताकि सड़क पर नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। इसके साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे गति सीमा का पालन करें और सुरक्षित ड्राइविंग को प्राथमिकता दें।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के कदम न केवल यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करते हैं बल्कि सड़क पर दुर्घटनाओं की संभावना को भी कम करते हैं।
प्रदेश में ओवरस्पीडिंग और ट्रैफिक उल्लंघनों पर सख्ती से न केवल चालकों में अनुशासन बढ़ा है, बल्कि सरकार के लिए राजस्व का एक स्थिर स्रोत भी सुनिश्चित हुआ है।
