नागौर कृषि उपज मंडी में नए साल के दूसरे दिन व्यापार में दिखी तेजी
कृषि उपज मंडी में शुक्रवार को नए साल के दूसरे दिन व्यापार में तेजी देखने को मिली। व्यापारियों और किसानों के अनुसार, जीरा, ईसबगोल, सौंफ और विभिन्न अनाजों के भाव में वृद्धि हुई, जबकि सरसों और मोथ के भाव में हल्की गिरावट दर्ज की गई। इस बदलाव के पीछे मांग-सप्लाई और मौसम की स्थितियां मुख्य कारण मानी जा रही हैं।
मंडी सूत्रों ने बताया कि जीरा और सौंफ की अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ने के कारण इनके भाव में उछाल आया। ईसबगोल में भी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मांग के कारण भाव बढ़े। वहीं, सरसों और मोथ की उपलब्धता अधिक होने के कारण इनके भाव में थोड़ी गिरावट देखने को मिली।
व्यापारियों ने कहा कि नए साल की शुरुआत में मंडी में कारोबार का माहौल उत्साही रहा। किसानों ने भी अपनी उपज अच्छी कीमतों पर बेचने का अवसर पाया। व्यापारियों ने कहा कि मंडी में मूल्य निर्धारण में स्थिरता के कारण किसानों और खरीददारों दोनों को संतोषजनक लाभ हुआ।
मंडी में विभिन्न अनाजों के भाव में भी हल्की वृद्धि हुई। गेहूं, जौ और चना जैसे अनाजों की मांग बढ़ी, जिससे इनके भाव में सकारात्मक असर पड़ा। व्यापारियों ने बताया कि मंडी में आने वाले दिनों में मौसम और अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति के अनुसार भाव में और बदलाव हो सकता है।
किसानों का कहना है कि नए साल की शुरुआत में मंडी में व्यापारिक गतिविधियों का बढ़ना उनके लिए लाभकारी है। इसके साथ ही उन्होंने अपेक्षा जताई कि आने वाले महीनों में भी कृषि उपज के भाव स्थिर और उचित बने रहें, ताकि उनके उत्पादन का पूरा लाभ उन्हें मिल सके।
नागौर कृषि उपज मंडी के अधिकारी ने बताया कि मंडी में व्यापार को सुचारू और पारदर्शी बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने किसानों और व्यापारियों से अपील की कि वे गुणवत्ता और वजन के मानक का पालन करें। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मंडी में आने वाले व्यापारियों के लिए सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
