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रजनीकांत की ‘रोबोट’ से प्रेरित होकर नागौर के छात्रों ने बनाया ह्यूमेनॉइड रोबोट ‘रक्षक 1.0’

 
सुपरस्टार रजनीकांत की रोबोट मूवी से इंस्पायर होकर नागौर जिले के दो स्कूली स्टूडेंट्स ने ह्युमेनाइड रोबोट रक्षक 1.0 तैयार किया है।

राजस्थान के नागौर जिले के दो स्कूली छात्रों ने अपनी प्रतिभा और नवाचार से एक अनोखी मिसाल पेश की है। सुपरस्टार रजनीकांत की चर्चित फिल्म रोबोट से प्रेरित होकर इन छात्रों ने ‘रक्षक 1.0’ नाम का एक ह्यूमेनॉइड रोबोट तैयार किया है।

बताया जा रहा है कि दोनों छात्र विज्ञान और तकनीक में गहरी रुचि रखते हैं और उन्होंने सीमित संसाधनों में यह रोबोट विकसित किया है। ‘रक्षक 1.0’ को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह इंसानों की तरह कुछ बुनियादी गतिविधियां कर सके और सुरक्षा से जुड़े कार्यों में मददगार साबित हो सके।

छात्रों के अनुसार, इस रोबोट को बनाने का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा और सहायता प्रदान करना है। यह रोबोट सेंसर और प्रोग्रामिंग की मदद से आसपास की गतिविधियों को पहचान सकता है और जरूरत पड़ने पर अलर्ट भी दे सकता है। शुरुआती स्तर पर इसमें मूवमेंट, ऑब्जेक्ट डिटेक्शन और वॉयस कमांड जैसी सुविधाएं शामिल की गई हैं।

‘रक्षक 1.0’ को तैयार करने में छात्रों ने कई महीनों तक मेहनत की। उन्होंने इंटरनेट और किताबों की मदद से रोबोटिक्स की जानकारी जुटाई और धीरे-धीरे इसे विकसित किया। खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट में महंगे उपकरणों के बजाय सामान्य और सुलभ सामग्री का उपयोग किया गया है, जिससे यह नवाचार और भी प्रेरणादायक बन गया है।

स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों ने भी छात्रों के इस प्रयास की सराहना की है। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले छात्रों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें सही दिशा और अवसर मिलने की जरूरत है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रयास छात्रों को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। यदि ऐसे नवाचारों को उचित मार्गदर्शन और संसाधन मिलें, तो भविष्य में बड़े स्तर पर तकनीकी विकास संभव है।

फिलहाल, ‘रक्षक 1.0’ स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग छात्रों के इस अनोखे आविष्कार की सराहना कर रहे हैं। यह पहल न केवल अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि छोटे शहरों और गांवों से भी बड़े नवाचार संभव हैं।