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मिडिल ईस्ट तनाव का असर, राजस्थान के मसाला कारोबार को करोड़ों का नुकसान

 
मिडिल ईस्ट तनाव का असर, राजस्थान के मसाला कारोबार को करोड़ों का नुकसान

Rajasthan का मसाला कारोबार इन दिनों गंभीर संकट से गुजर रहा है। मिडिल ईस्ट क्षेत्र में जारी तनाव और हालात बिगड़ने के चलते खाड़ी देशों को होने वाला निर्यात बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे कारोबारियों को करोड़ों रुपये का नुकसान झेलना पड़ रहा है।

व्यापारियों के अनुसार, राजस्थान से बड़ी मात्रा में Cumin (जीरा) और Psyllium husk का निर्यात United Arab Emirates, Saudi Arabia और अन्य खाड़ी देशों की ओर किया जाता है। लेकिन मौजूदा हालात के कारण एक्सपोर्ट ऑर्डर या तो रुक गए हैं या पूरी तरह से बंद हो गए हैं।

मसाला निर्यातकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय शिपमेंट में अनिश्चितता, लॉजिस्टिक बाधाएं और भुगतान से जुड़ी समस्याओं के कारण व्यापार ठप पड़ गया है। कई कंसाइनमेंट बंदरगाहों पर अटके हुए हैं, जबकि नए ऑर्डर आना लगभग बंद हो गया है।

Rajasthan के प्रमुख मसाला बाजारों में पहले से तैयार स्टॉक भी अब गोदामों में जमा हो रहा है, जिससे व्यापारियों की नकदी प्रवाह (कैश फ्लो) पर भी असर पड़ा है। छोटे और मध्यम स्तर के निर्यातकों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है।

व्यापार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि स्थिति जल्द सामान्य नहीं होती है, तो आने वाले महीनों में कीमतों और उत्पादन दोनों पर असर देखने को मिल सकता है। साथ ही किसानों को भी इसका अप्रत्यक्ष नुकसान झेलना पड़ सकता है, क्योंकि मांग में गिरावट के चलते खरीद दरों पर दबाव बढ़ सकता है।

निर्यातकों ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है ताकि वैकल्पिक बाजारों की तलाश की जा सके और लॉजिस्टिक सपोर्ट को मजबूत किया जा सके। उनका कहना है कि खाड़ी देशों पर अत्यधिक निर्भरता इस संकट का बड़ा कारण बन रही है।

फिलहाल व्यापार जगत की नजर अंतरराष्ट्रीय हालात पर टिकी हुई है और सभी को उम्मीद है कि स्थिति सामान्य होने पर मसाला निर्यात फिर से पटरी पर लौट आएगा।