Aapka Rajasthan

नागौर में सर्वजातीय सामूहिक विवाह: सात जोड़े बने जीवनसाथी

 
नागौर में सर्वजातीय सामूहिक विवाह: सात जोड़े बने जीवनसाथी

राजस्थान के Nagaur में सेवा भारती समिति के तत्वावधान में श्री राम-जानकी सर्वजातीय सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। शहर के माली समाज भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में सात जोड़े वैदिक रीति-रिवाजों के साथ परिणय सूत्र में बंधे। समारोह में बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे और नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया।

यह आयोजन Seva Bharati समिति की ओर से किया गया। समिति द्वारा शहर में यह तीसरा सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया, जिसमें सर्वसमाज की भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम का उद्देश्य सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना और जरूरतमंद परिवारों को सहयोग प्रदान करना बताया गया।

समारोह में दूल्हा-दुल्हन को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह बंधन में बांधा गया। विवाह के दौरान पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरों की रस्म पूरी करवाई। विवाह के बाद सभी जोड़ों को आशीर्वाद देने के लिए मंच पर समाज के गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।

आयोजकों के अनुसार सामूहिक विवाह कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में बढ़ते विवाह खर्च को कम करना और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहयोग देना है। इस तरह के आयोजनों से एक ही मंच पर कई परिवारों के विवाह संपन्न हो जाते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से राहत मिलती है।

कार्यक्रम में शामिल लोगों ने बताया कि सामूहिक विवाह समारोह समाज में एकता और भाईचारे का संदेश भी देता है। इसमें सभी जाति और वर्ग के लोग मिलकर आयोजन को सफल बनाते हैं, जिससे सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलता है।

समारोह के दौरान नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थ जीवन की शुरुआत के लिए आवश्यक घरेलू सामान भी भेंट किया गया। इसके साथ ही समिति की ओर से नवदंपतियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।

आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी इस तरह के सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहेगा, ताकि जरूरतमंद परिवारों को सहयोग मिल सके और समाज में सामूहिक विवाह की परंपरा को आगे बढ़ाया जा सके।

नागौर में आयोजित यह सामूहिक विवाह समारोह सामाजिक सहयोग और एकजुटता का एक अच्छा उदाहरण बनकर सामने आया, जहां सात जोड़ों ने एक साथ नए जीवन की शुरुआत की।