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नागौर कृषि उपज मंडी में किसानों से अवैध वसूली, ठेकेदार और दलालों पर आरोप

 
नागौर कृषि उपज मंडी में किसानों से अवैध वसूली, ठेकेदार और दलालों पर आरोप

नागौर की कृषि उपज मंडी में किसानों के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। मंडी में मूंग और मूंगफली की तुलाई के नाम पर ठेकेदार और दलालों द्वारा किसानों से अवैध वसूली की जा रही थी। किसानों का आरोप है कि उन्हें अपनी फसल बेचने के दौरान प्रति क्विंटल 300 रुपए अतिरिक्त देने पड़ते थे, जो कि बिलकुल अवैध और गैरकानूनी है।

किसानों ने बताया कि वे मंडी में अपनी फसल बेचने आते हैं, लेकिन तुलाई के समय दलाल और ठेकेदार अतिरिक्त राशि मांगते हैं। यदि किसान पैसे देने से इनकार करते हैं, तो उन्हें तौलने में देरी की जाती है या अन्य तरह से परेशान किया जाता है। इस कारण किसानों को मजबूरी में अवैध वसूली का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय किसानों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से चल रही है और अब तक प्रशासनिक स्तर पर इसका समाधान नहीं हो पाया। किसान यह भी शिकायत कर चुके हैं कि ऐसे व्यवहार से उनकी आमदनी प्रभावित हो रही है और उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा।

कृषि विशेषज्ञों और मंडी पदाधिकारियों का कहना है कि ऐसी अवैध वसूली किसानों के हितों के खिलाफ है और इसके लिए कड़ा प्रशासनिक और कानूनी कदम उठाना जरूरी है। अधिकारियों को चाहिए कि तौल प्रक्रिया और मंडी के संचालन पर विशेष निगरानी रखें ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और वे अपनी फसल का उचित मूल्य प्राप्त कर सकें।

इस मामले का वीडियो और अन्य साक्ष्य भी किसानों ने साझा किए हैं, जिससे यह साबित होता है कि अवैध वसूली वास्तविकता है। किसान संघों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे दलाल और ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसे मामले न हों।

कुल मिलाकर, नागौर कृषि उपज मंडी में मूंग और मूंगफली की तुलाई के दौरान किसानों से हो रही अवैध वसूली न केवल अवैध है, बल्कि किसानों की मेहनत और आय के साथ सीधे खिलवाड़ है। प्रशासन और मंडी अधिकारियों को इस मामले में तुरंत कदम उठाकर किसानों की सुरक्षा और हित सुनिश्चित करना होगा।