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नागौर मंडी में तुलाई के नाम पर अवैध वसूली का मामला: प्रशासन ने किया सख्त कदम

 
नागौर मंडी में अवैध-वसूली के खुलासे के बाद प्रशासन सतर्क:अब नहीं चलेगी दलालों की मनमानी; पारदर्शी तौल के लिए लगेंगे CCTV-एक्सट्रा कांटे

नागौर मंडी में तुलाई के नाम पर अवैध वसूली का मामला 7 जनवरी को सामने आया, जिसने प्रशासन और किसानों में चिंता पैदा कर दी। इस खुलासे के बाद मंडी की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे थे। अब प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है और मामले की जांच को गंभीरता से लिया जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, अवैध वसूली की जानकारी मिलने के बाद रजिस्ट्रार (कोऑपरेटिव) सुभाष सिरवा और नागौर SDM गोविन्द ने तुरंत मंडी का दौरा किया। अधिकारियों ने किसानों और मंडी कर्मचारियों से स्थिति की जानकारी ली और अवैध वसूली में शामिल कर्मचारियों और एजेंट्स की पहचान शुरू कर दी।

मंडी में तुलाई के दौरान किसानों से अतिरिक्त और गैरकानूनी शुल्क वसूली की खबर ने स्थानीय कृषि समुदाय में असंतोष पैदा किया। किसानों ने शिकायत की थी कि उन्हें मंडी में अपने उत्पाद बेचने के लिए जबरदस्ती अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है, जो नियमों के खिलाफ है।

प्रशासन ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों पर कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। रजिस्ट्रार सुभाष सिरवा ने स्पष्ट किया कि सभी अवैध वसूली के मामलों की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि मंडी में सभी लेन-देन पारदर्शी और नियमों के अनुसार हों। किसी भी तरह की मनमानी या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

नागौर SDM गोविन्द ने भी किसानों और मंडी कर्मियों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अवैध वसूली की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में मंडी की कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी रखी जाएगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि मंडियों में तुलाई के नाम पर अवैध वसूली लंबे समय से एक गंभीर समस्या रही है। इसका सीधा असर किसानों की आय और विश्वास पर पड़ता है। प्रशासन द्वारा की गई इस पहल से न केवल मंडी की विश्वसनीयता बढ़ेगी, बल्कि किसानों को भी उनके अधिकारों और न्याय का भरोसा मिलेगा।

स्थानीय किसान संगठन भी प्रशासन की कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह कदम मंडियों में पारदर्शिता और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए नियमित निगरानी और शिकायत निवारण प्रणाली लागू होनी चाहिए।

मंडी प्रशासन ने अब मंडी में ऑनलाइन तुलाई और रसीद प्रणाली लागू करने पर भी विचार शुरू कर दिया है। इससे अवैध वसूली के मामलों पर काफी हद तक नियंत्रण रखा जा सकेगा।

इस प्रकार, नागौर मंडी में तुलाई के नाम पर अवैध वसूली का मामला प्रशासनिक कार्रवाई और सतर्कता का एक उदाहरण बन गया है। रजिस्ट्रार सुभाष सिरवा और SDM गोविन्द की पहल से उम्मीद है कि मंडी में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों के हित सुरक्षित रहेंगे।