नागौर में ‘डिजिटल अरेस्ट’ गैंग का पर्दाफाश, रिटायर्ड डॉक्टर से 34 लाख ठगे
नागौर में साइबर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक सीए और उसके साथियों ने मिलकर एक रिटायर्ड डॉक्टर को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर तीन दिन तक डराकर 34 लाख रुपए ठग लिए।
पीड़ित डॉक्टर के अनुसार, आरोपियों ने खुद को किसी जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर संपर्क किया और उन पर महिलाओं को अश्लील मैसेज भेजने तथा मानव तस्करी में शामिल होने जैसे गंभीर आरोप लगाए। आरोपियों ने डॉक्टर को विश्वास दिलाया कि उनके खिलाफ केस दर्ज होने वाला है और गिरफ्तारी भी हो सकती है।
इसके बाद आरोपियों ने डॉक्टर को लगातार फोन और ऑनलाइन माध्यम से अपने संपर्क में रखा, जिससे वह मानसिक दबाव में आ गया। उसे किसी से बात न करने और केवल उनके निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया, जिसे ‘डिजिटल अरेस्ट’ की स्थिति बताया गया।
आरोपियों ने कहा कि अगर वह अपना नाम इन मामलों से हटवाना चाहते हैं, तो उन्हें निर्धारित रकम चुकानी होगी। डर के कारण डॉक्टर ने अलग-अलग माध्यमों से कुल 34 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।
रकम मिलते ही आरोपी संपर्क से बाहर हो गए, जिसके बाद पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, जहां अपराधी लोगों को डराकर और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर पैसे ऐंठते हैं।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे इस तरह की कॉल्स से सतर्क रहें और किसी भी अनजान व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें। साथ ही, ऐसे मामलों की तुरंत सूचना पुलिस को देने की सलाह दी गई है।
