नागौर कृषि उपज मंडी में फसलों की आवक और भावों में उतार-चढ़ाव, कुछ जिंसों में गिरावट तो कुछ में तेजी
नागौर कृषि उपज मंडी में बीते दो दिनों के दौरान फसलों की आवक और उनके भावों में मिला-जुला असर देखने को मिला है। मंडी में जहां कुछ फसलों के दामों में नरमी दर्ज की गई, वहीं कुछ जिंसों के भावों में हल्की तेजी भी देखने को मिली। कार्यालय कृषि उपज मंडी समिति नागौर द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 15 जनवरी की तुलना में 16 जनवरी को मंडी के भावों में आंशिक बदलाव दर्ज किया गया है।
आंकड़ों के अनुसार, 16 जनवरी को विराट चमकी मूंग के भावों में प्रति क्विंटल गिरावट दर्ज की गई है। व्यापारियों के अनुसार, बाजार में आवक बढ़ने और मांग अपेक्षाकृत कमजोर रहने के कारण मूंग के दामों में दबाव देखा गया। पिछले कुछ दिनों से आसपास के क्षेत्रों से मूंग की आवक लगातार बनी हुई है, जिसका सीधा असर भावों पर पड़ा है।
वहीं, मंडी में अन्य फसलों की स्थिति पर नजर डालें तो कुछ जिंसों के भाव स्थिर रहे, जबकि कुछ में मामूली तेजी देखने को मिली। चना और सरसों की आवक में उतार-चढ़ाव के चलते इनके भावों में भी हल्का बदलाव दर्ज किया गया है। व्यापारियों का कहना है कि फिलहाल बाजार में मांग सीमित है, जिससे दामों में बड़ा उछाल देखने को नहीं मिल रहा है।
मंडी सूत्रों के अनुसार, इस समय किसान अपनी उपज लेकर मंडी में लगातार पहुंच रहे हैं। रबी सीजन की फसलों की आवक धीरे-धीरे बढ़ रही है, जिससे मंडी में चहल-पहल बनी हुई है। हालांकि, किसानों को उम्मीद के मुताबिक भाव नहीं मिलने के कारण कई किसान अपनी उपज रोककर रखने का भी फैसला कर रहे हैं।
व्यापारियों का कहना है कि आगामी दिनों में मौसम की स्थिति और बाहरी बाजारों के रुझान के आधार पर भावों में और बदलाव देखने को मिल सकता है। यदि मांग में सुधार होता है तो कुछ फसलों के दामों में तेजी आने की संभावना है। वहीं, आवक ज्यादा रहने की स्थिति में भावों पर दबाव बना रह सकता है।
कृषि उपज मंडी समिति के अधिकारियों के अनुसार, मंडी में लेन-देन पूरी तरह पारदर्शी तरीके से किया जा रहा है और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मंडी प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे भावों की सही जानकारी लेकर ही अपनी उपज बेचें और किसी भी अफवाह के आधार पर निर्णय न लें।
