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Nagaur में कर्ज पर बन बच्चों के लिए पोषाहार, 3 माह से नहीं मिली राशि, 10 करोड़ बाकी
 

नागौर न्यूज़ डेस्क, नागौर शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने एवं विद्यार्थियों को रोकने के उद्देश्य से संचालित मध्याह्न भोजन योजना में तीन माह से पोषाहार विशेषज्ञ एवं रसोइया सह सहायिका की राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है. ऐसे में जिले में करीब 10 करोड़ रुपए बकाया हो गए हैं। इससे पोषण व्यवस्था संभाल रहे शिक्षक व रसोइया सह सहायिका को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है. इससे सुपोषण के सफल संचालन पर भी सवाल उठ रहे हैं। यह पोषाहार विद्यालयों में खेलकूद घंटी के समय छात्र-छात्राओं को उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन जुलाई से अक्टूबर तक तीन माह की पोषाहार राशि का भुगतान अभी तक विद्यालयों के खाते में जमा नहीं किया गया है. व्यवस्था संभालने वाले शिक्षकों को बाजार से उधार पर पौष्टिक सामग्री लाकर काम करना पड़ रहा है। कई जगहों पर व्यापारी पोषाहार खरीदने वाले शिक्षकों से बकाया की मांग भी करने लगे हैं.

जिला शिक्षा अधिकारी नागौर ने बताया कि 16 नवम्बर 2022 से विद्यार्थियों को दिये जाने वाले पोषाहार की मात्रा में भी वृद्धि की गयी है. पहले कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों को 4.97 रुपये और कक्षा 6 से 8 के छात्रों को प्रति छात्र 7.45 रुपये मिलते थे। अब यह राशि कक्षा 1 से 5 के लिए 5.45 रुपये और कक्षा 6 से 8 के लिए 8.17 रुपये प्रति छात्र कर दी गई है। इससे गुणवत्ता में भी सुधार होगा। सूत्रों के अनुसार संचालनालय एमडीएम जयपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिलेवार मांग के अनुसार बजट आवंटित किया गया है. 13 अक्टूबर, 2022 को केंद्र सरकार द्वारा लगभग 393.93 करोड़ रुपये और राज्य सरकार द्वारा 290.35 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। दिसंबर तक का भुगतान इसी बजट से पूरा हो जाएगा। जहां भी डिमांड आ रही है, बजट भेजा जा रहा है। पहले पीडी खाते से भुगतान होता था, लेकिन अब भुगतान एसएनए खाते से होगा। हाल ही में 8 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। इसमें से 4 करोड़ रुपये स्वीकृत हो चुके हैं और 4 करोड़ रुपये का बजट प्रक्रियाधीन है। उनकी तरफ से करीब 11 करोड़ रुपये का बजट मांगा गया है।