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Nagaur नर्सिंग कॉलेज में टेंडर से पहले ही काटे गए 20 बीघा में खड़े 522 पेड़, तहसीलदार ने रोका
 

नागौर न्यूज़ डेस्क, नागौर 21 करोड़ की लागत से बनने वाले कॉलेज के निर्माण में काम करने की एक एजेंसी को इतनी जल्दी है कि टेंडर प्रक्रिया से पहले ही यहां खड़े पेड़ नजर आने लगे हैं. सूत्रों के मुताबिक अब तक इस जगह से बड़े पैमाने पर पेड़ों को काटने का काम होता रहा है और जिम्मेदारों को इसकी भनक तक नहीं है. हालत यह है कि गुरुवार को भी इस 20 बीघे में खड़े पेड़ों और झाड़ियों को काटने का काम बड़े पैमाने पर चल रहा था. इस पूरे मामले को लेकर तहसीलदार दर्शना ने बताया कि पेड़ों की कटाई का काम चल रहा था, जिसे अब बंद कर दिया गया है. वह खुद मौके पर नहीं गई हैं। पटवारी हड़ताल पर हैं, इसलिए आरआई को मौके पर भेजा गया। आरआई ने अभी तक मौके की रिपोर्ट नहीं दी है। अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि नर्सिंग कॉलेज कहां बनेगा, कितने जगह पेड़ हैं, इसकी जानकारी नहीं है। इधर, कलेक्टर पीयूष सामरिया ने नवीन राजकीय नर्सिंग कॉलेज के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी के लिए निगरानी समिति का भी गठन किया है. उक्त समिति हर माह दो बार निर्माण कार्यों की निगरानी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी.

इस कमेटी में एडीएम मोहन लाल खटनावालिया, एसडीएम सुनील पंवार, तहसीलदार, सदस्य, सीएमएचओ महेश वर्मा, नोडल अधिकारी पीएमओ महेश पंवार, अमित सांखला कार्यवाहक स्वास्थ्य प्रबंधक व ईश्वर सिंह शेखावत, कनिष्ठ सहायक, सरकारी अस्पताल के सदस्य मौजूद हैं. जेएलएन के नोडल अधिकारी व पीएमओ डॉ. महेश पंवार ने बताया कि राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम (आरएसआरडीसी) ने 255 पेड़ों के एवज में चेक के माध्यम से वन विभाग को 8 लाख रुपये दिए थे. इसके बाद वन विभाग की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है। अब वन विभाग इस राशि से दोगुना पौधे लगाने का काम करेगा। उन्होंने बताया कि उनका काम जमीन की सफाई करना है, जिसके लिए उन्होंने तहसीलदार को लिखा था. ऐसे में टेंडर प्रक्रिया और पेड़ों की कटाई का पूरा काम तहसीलदार स्तर से ही किया गया है. उन्होंने यह किस आधार पर किया, उन्हें नहीं पता। इस जमीन पर वर्तमान में 522 पेड़ खड़े हैं। जिन्हें काटने के लिए 25 नवंबर को तहसील स्तर से टेंडर प्रक्रिया होगी। इसके बाद उस जगह से पेड़ों को काटने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। पेड़ों को काटने की टेंडर प्रक्रिया 25 नवंबर को होगी। इसके बाद अन्य पेड़ों को काटने का काम पूरा किया जाएगा।