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कोटा में दर्दनाक हादसा: बालकनी से गिरकर ढाई साल के मासूम की मौत, धनतेरस की रात खेलते समय बिगड़ा संतुलन

 
कोटा में दर्दनाक हादसा: बालकनी से गिरकर ढाई साल के मासूम की मौत, धनतेरस की रात खेलते समय बिगड़ा संतुलन

राजस्थान के कोटा में धनतेरस की रात एक दर्दनाक हादसे में ढाई साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई। बच्चा घर की बालकनी में खेल रहा था। इसी दौरान वह रेलिंग पर चढ़ गया और अचानक संतुलन बिगड़ने से नीचे गिर गया। हादसे के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजन तुरंत बच्चे को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। त्योहार की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं।

जानकारी के अनुसार, घटना धनतेरस की रात की है। बच्चे के पिता पेशे से वकील हैं। परिवार में त्योहार को लेकर तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान ढाई साल का बच्चा घर की बालकनी में खेल रहा था। खेलते-खेलते वह बालकनी की रेलिंग पर चढ़ गया। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर पड़ा। अचानक हुई इस घटना से परिवार के लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

रेलिंग पर चढ़ते समय बिगड़ा संतुलन

बताया जा रहा है कि बच्चा बालकनी में खेल रहा था। इसी दौरान वह रेलिंग के पास पहुंच गया और उस पर चढ़ने लगा। मासूम की उम्र इतनी कम थी कि उसे ऊंचाई और खतरे का अंदाजा नहीं था। रेलिंग पर चढ़ने के दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे जा गिरा। गिरने की आवाज सुनकर परिवार के लोग तुरंत बालकनी की ओर दौड़े।

बच्चे को नीचे गिरा देखकर परिजनों के होश उड़ गए। परिवार के लोग बिना देर किए उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने बच्चे को बचाने का प्रयास किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी जान नहीं बच सकी।

त्योहार की खुशियां मातम में बदलीं

धनतेरस के मौके पर जहां शहरभर में लोग दीपावली की तैयारियों और खरीदारी में जुटे थे, वहीं इस परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस घर में त्योहार की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां मासूम की मौत के बाद मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

ढाई साल के बच्चे की असमय मौत से परिवार के साथ आसपास के लोग भी गमगीन हैं। किसी को विश्वास नहीं हो रहा कि कुछ देर पहले घर में खेल रहा मासूम अब इस दुनिया में नहीं रहा।

बालकनी में बच्चों की सुरक्षा को लेकर जरूरी सावधानी

यह हादसा एक बार फिर छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की जरूरत बताता है। कम उम्र के बच्चों को ऊंचाई वाली जगहों, बालकनी और खिड़कियों के पास अकेला छोड़ना खतरनाक हो सकता है। अभिभावकों को बालकनी की रेलिंग की ऊंचाई और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

त्योहारों के दौरान घरों में मेहमानों की आवाजाही और व्यस्तता बढ़ जाती है। ऐसे समय में भी छोटे बच्चों पर लगातार निगरानी रखना जरूरी है, ताकि इस तरह के हादसों से बचा जा सके।