बाघिन MT-7 को खुले जंगल में छोड़ा गया, 21 हेक्टेयर एनक्लोजर से मिली आज़ादी
कोटा से वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक अहम खबर सामने आई है, जहां रि-वाइल्डेड (पुनर्वन्यीकृत) बाघिन MT-7 को मंगलवार सुबह 9 बजे खुले जंगल में छोड़ दिया गया। लंबे समय से यह बाघिन 21 हेक्टेयर के एनक्लोजर में रखी गई थी, जिसे अब प्राकृतिक आवास में स्वतंत्र रूप से विचरण करने की अनुमति दे दी गई है।
वन विभाग के अनुसार, यह कदम बाघिन के व्यवहार और स्वास्थ्य की निगरानी के बाद उठाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि MT-7 अब जंगल के वातावरण में खुद को अनुकूलित करने की स्थिति में है, इसलिए उसे नियंत्रित क्षेत्र से बाहर प्राकृतिक जंगल में छोड़ा गया।
बाघिन MT-7 को पिछले वर्ष अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क से मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में शिफ्ट किया गया था। वहां उसे पहले एक सुरक्षित एनक्लोजर में रखा गया, ताकि वह नए वातावरण में ढल सके और धीरे-धीरे जंगल के प्राकृतिक व्यवहार को अपना सके।
वन विभाग ने बताया कि बाघिन की सुरक्षा और गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। इसके लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है, जिसमें रेडियो टेलीमेट्री कॉलर और कैमरा ट्रैप सिस्टम शामिल हैं। इन उपकरणों के माध्यम से उसकी मूवमेंट, शिकार करने की क्षमता और जंगल में अनुकूलन की प्रक्रिया पर निगरानी रखी जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, यह प्रक्रिया वन्यजीव संरक्षण और बाघों के पुनर्वास कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य बाघों को प्राकृतिक आवास में फिर से स्थापित करना और उनके संरक्षण को मजबूत बनाना है।
वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रत्याशित स्थिति से निपटा जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती कुछ सप्ताह बाघिन के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि इस दौरान वह अपने नए वातावरण में ढलने की कोशिश करेगी।
स्थानीय स्तर पर इस कदम को वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है। इससे न केवल बाघों की संख्या बढ़ाने के प्रयासों को बल मिलेगा, बल्कि मुकंदरा हिल्स जैसे टाइगर रिजर्व की पारिस्थितिकी व्यवस्था भी मजबूत होगी।
फिलहाल सभी की नजरें MT-7 की गतिविधियों पर टिकी हुई हैं, जिसे पूरी तरह प्राकृतिक वातावरण में सफलतापूर्वक ढालने के लिए वन विभाग सतर्कता से काम कर रहा है।
