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हाड़ौती संभाग में तीन दिन बारिश का अलर्ट: कोटा में 24 घंटे में 20 MM बरसात, अब तक सामान्य से 32% कम पानी

 
हाड़ौती संभाग में तीन दिन बारिश का अलर्ट: कोटा में 24 घंटे में 20 MM बरसात, अब तक सामान्य से 32% कम पानी

राजस्थान के हाड़ौती संभाग में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने की संभावना है। मौसम विभाग ने संभाग के जिलों में अगले तीन दिनों तक बारिश का अलर्ट जारी किया है। बारिश की संभावना के बीच कोटा जिले में बीते 24 घंटे के दौरान 20 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। हालांकि, इसके बावजूद मानसून सीजन में अब तक हुई कुल बारिश सामान्य से काफी कम बनी हुई है।

आंकड़ों के अनुसार, कोटा जिले में इस मानसून सीजन में अब तक सामान्य से करीब 32 प्रतिशत कम बारिश हुई है। ऐसे में आने वाले तीन दिन की बारिश किसानों और आम लोगों के लिए राहत लेकर आ सकती है।

तीन दिन बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अलर्ट के बाद हाड़ौती संभाग में एक बार फिर बारिश की उम्मीद बढ़ गई है। कोटा समेत संभाग के अन्य जिलों में बादल छाने और कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना जताई गई है।

मानसून की सक्रियता के बीच स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से लोगों को मौसम पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है। नदी-नालों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

कोटा में 24 घंटे में 20 MM बारिश

कोटा जिले में पिछले 24 घंटे में 20 MM बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिला और कई इलाकों में लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली।

हालांकि, एक दिन में हुई बारिश के बावजूद सीजन की कमी पूरी नहीं हो सकी है। मानसून के अब तक के आंकड़े बताते हैं कि जिले में सामान्य की तुलना में बारिश का आंकड़ा पीछे चल रहा है।

सामान्य से 32% कम बरसात

कोटा जिले में अब तक सामान्य से 32 प्रतिशत कम बारिश होना चिंता का विषय है। बारिश की कमी का असर खेती-किसानी के साथ जलस्रोतों पर भी पड़ सकता है।

किसानों के लिए आने वाले दिनों की बारिश इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि खेतों में फसलों की जरूरत के अनुसार पानी मिलना जरूरी है। यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश होती है तो बारिश की कमी कुछ हद तक कम हो सकती है।

किसानों को बारिश से उम्मीद

हाड़ौती क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग कृषि पर निर्भर हैं। ऐसे में मानसून की स्थिति का सीधा असर खेती पर पड़ता है। लगातार अच्छी बारिश होने से फसलों को फायदा मिल सकता है और खेतों में नमी बनी रह सकती है।

वहीं, यदि बारिश तेज होती है तो जलभराव और खेतों में पानी जमा होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। इसलिए किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार ही कृषि गतिविधियों की योजना बनाने की सलाह दी जाती है।

अगले तीन दिन अहम

फिलहाल मौसम विभाग के अलर्ट के बाद अगले तीन दिन हाड़ौती के लिए अहम माने जा रहे हैं। बारिश होने से जहां सामान्य से कम बरसात के आंकड़े में सुधार हो सकता है, वहीं शहरों में लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि आगामी तीन दिनों में हाड़ौती संभाग में कितनी बारिश होती है और क्या इससे कोटा जिले में सामान्य से 32 प्रतिशत कम बारिश की स्थिति में कुछ सुधार आता है।