कोटा में PWD के सुल्तानपुर डिविजन के तीन ऑनलाइन टेंडर निरस्त, खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग ने मानी गलती
राजस्थान के कोटा जिले में सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के सुल्तानपुर डिविजन से जुड़े तीन ऑनलाइन टेंडरों को निरस्त कर दिया गया है। प्रत्येक टेंडर की राशि करीब 5-5 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई तब की गई जब मामले से जुड़ी खबर भास्कर एप पर प्रकाशित हुई। खबर सामने आने के बाद विभागीय अधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लिया और टेंडरों को रद्द कर दिया।
जानकारी के अनुसार, सुल्तानपुर डिविजन में विभिन्न कार्यों के लिए करीब पांच-पांच लाख रुपये के तीन ऑनलाइन टेंडर जारी किए गए थे। टेंडर प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने के बाद यह मामला सामने आया। इसके बाद जब इस विषय पर खबर प्रकाशित हुई तो विभाग में हलचल मच गई।
मामले को लेकर इटावा के अधिशासी अभियंता (XEN) हेमराज चौधरी ने गलती स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया में त्रुटि हो गई थी, जिसके चलते इन तीनों टेंडरों को निरस्त कर दिया गया है। साथ ही यह भी बताया कि आगे से ऐसी गलती दोबारा नहीं हो, इसके लिए विभागीय स्तर पर सावधानी बरती जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया में तकनीकी या प्रशासनिक स्तर पर हुई गलती के कारण इन टेंडरों को रद्द करने का निर्णय लिया गया। विभाग अब नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रहा है, ताकि संबंधित कार्य नियमानुसार करवाए जा सकें।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की त्रुटि सामने आने पर उसे तुरंत सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाते हैं। इसी के तहत इन टेंडरों को निरस्त किया गया है।
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद विभाग में चर्चा का माहौल है। वहीं, स्थानीय स्तर पर भी लोगों का कहना है कि सरकारी कामों में पारदर्शिता और नियमों का पालन बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता की आशंका न रहे।
फिलहाल विभाग की ओर से तीनों टेंडरों को निरस्त कर दिया गया है और अब आगे की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी करने की बात कही जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए टेंडर जारी करने से पहले सभी प्रक्रियाओं की पूरी तरह जांच की जाएगी।
