कोटा में साइबर ठगी के तीन कॉल सेंटरों का खुलासा, मास्टरमाइंड समेत 5 आरोपी गिरफ्तार
कोटा में साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन फर्जी कॉल सेंटरों का खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान गिरोह के मास्टरमाइंड समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में दो जोधपुर, दो नागौर और एक बीकानेर का रहने वाला है। सभी आरोपी कोटा के बोरखेड़ा इलाके में स्थित नीलकण्ठ अपार्टमेंट में किराए के मकान में रह रहे थे और वहीं से साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित कर रहे थे।
तीन कॉल सेंटरों से चल रहा था ठगी का नेटवर्क
पुलिस की कार्रवाई में सामने आया कि आरोपी अलग-अलग कॉल सेंटरों के माध्यम से साइबर ठगी की गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। इन सेंटरों में बैठकर लोगों को फोन किया जाता था और अलग-अलग तरीकों से उन्हें अपने जाल में फंसाने का प्रयास किया जाता था।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान कॉल सेंटरों से जुड़े डिजिटल उपकरण और अन्य सामान भी जब्त किए हैं। इन उपकरणों की जांच के बाद ठगी के तरीके और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
बोरखेड़ा के अपार्टमेंट में किराए से रह रहे थे आरोपी
पुलिस के अनुसार, सभी पांच आरोपी कोटा के बोरखेड़ा इलाके में नीलकण्ठ अपार्टमेंट में किराए से रह रहे थे। आरोपियों ने शहर में अपनी गतिविधियों को संचालित करने के लिए किराए का ठिकाना बनाया हुआ था।
पुलिस को जब इस नेटवर्क की जानकारी मिली तो टीम ने संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी शुरू की। इसके बाद तीन कॉल सेंटरों पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
मास्टरमाइंड से पूछताछ में खुलेंगे राज
पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड को भी गिरफ्तार किया है। अब उससे पूछताछ के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि साइबर ठगी का पूरा नेटवर्क कैसे संचालित किया जाता था और इसके पीछे कितने लोग जुड़े हुए हैं।
पुलिस आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही ठगी से हासिल रकम के लेनदेन की भी पड़ताल की जा रही है।
अलग-अलग जिलों के रहने वाले आरोपी
गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपी राजस्थान के अलग-अलग जिलों से हैं। इनमें दो आरोपी जोधपुर, दो नागौर और एक बीकानेर का निवासी बताया गया है। इसके बावजूद सभी आरोपी कोटा में एक ही स्थान पर रहकर कथित तौर पर साइबर ठगी का नेटवर्क चला रहे थे।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने कोटा को अपना ठिकाना क्यों बनाया और उनके निशाने पर राजस्थान के अलावा दूसरे राज्यों के लोग भी थे या नहीं।
डिजिटल सबूतों की जांच जारी
पुलिस ने आरोपियों के पास से मिले मोबाइल फोन, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जांच के लिए कब्जे में लिया है। इनसे कॉलिंग पैटर्न, संभावित पीड़ितों और पैसों के लेनदेन से जुड़े सुराग मिलने की उम्मीद है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े और भी लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पूरे गिरोह की कार्यप्रणाली का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
कोटा में तीन कॉल सेंटरों के एक साथ खुलासे को साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस अब यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपी और ठगी की रकम तक भी पहुंच बनाई जा सके।
