कोटा निगम में 373 प्रत्याशियों की कल तय होगी किस्मत: 1.17 लाख युवा वोटर बदल सकते हैं चुनावी तस्वीर, BJP-कांग्रेस के उम्मीदवारों पर नजर
राजस्थान के कोटा नगर निगम चुनाव में अब फैसला का समय आ गया है। नगर निगम के वार्डों में पार्षद चुनने के लिए कल मतदान होगा, जिसमें चुनाव मैदान में उतरे 373 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद होगी। इस चुनाव में बड़ी संख्या में युवा मतदाता अहम भूमिका निभाने वाले हैं। करीब 1.17 लाख युवा वोटर चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं।
कोटा नगर निगम चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है, लेकिन निर्दलीय और अन्य दलों के प्रत्याशियों की मौजूदगी ने कई वार्डों में मुकाबले को रोचक बना दिया है।
युवा वोटरों पर दोनों दलों की नजर
कोटा में इस बार युवा मतदाता चुनावी समीकरणों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। युवाओं से जुड़े मुद्दे जैसे रोजगार, शहर का विकास, शिक्षा सुविधाएं, यातायात व्यवस्था और डिजिटल सुविधाएं चुनावी चर्चा का हिस्सा रहे।
राजनीतिक दलों ने भी युवा वोटरों को साधने के लिए सोशल मीडिया प्रचार और युवा चेहरों पर दांव लगाया है। कोटा निगम चुनाव में युवाओं की भागीदारी को लेकर खास चर्चा रही है। कांग्रेस ने 16 Gen-Z उम्मीदवारों को टिकट दिया, जबकि भाजपा ने 2 युवा चेहरों को मौका दिया।
भाजपा-कांग्रेस के उम्मीदवारों के बीच सीधी टक्कर
कोटा नगर निगम चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने सभी प्रमुख वार्डों में अपने प्रत्याशी उतारे हैं। दोनों दलों ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।
भाजपा जहां सरकार और विकास कार्यों के मुद्दे के साथ मैदान में है, वहीं कांग्रेस स्थानीय समस्याओं, जनता से जुड़े मुद्दों और नगर निगम की व्यवस्थाओं को लेकर मतदाताओं के बीच पहुंची है।
दोनों दलों के बीच कई वार्डों में सीधा मुकाबला है, जबकि कुछ सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी समीकरण बिगाड़ सकते हैं।
बागियों और निर्दलीयों ने बढ़ाई चुनौती
इस बार कोटा निगम चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी भी बड़ी संख्या में मैदान में हैं। कई वार्डों में भाजपा और कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने वाले नेताओं ने निर्दलीय चुनाव लड़कर मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया है।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, बागी उम्मीदवारों का प्रदर्शन दोनों प्रमुख दलों के वोट बैंक पर असर डाल सकता है।
उम्मीदवारों की प्रोफाइल पर भी नजर
मतदाताओं के बीच इस बार प्रत्याशियों की व्यक्तिगत छवि, शिक्षा, सामाजिक सक्रियता और क्षेत्र में किए गए काम भी चर्चा का विषय रहे।
कुछ वार्डों में युवा चेहरे चुनावी मैदान में हैं तो कई जगह अनुभवी नेताओं पर पार्टियों ने भरोसा जताया है। उम्मीदवारों ने प्रचार के दौरान सड़क, पानी, सफाई, सीवरेज और विकास कार्यों को प्रमुख मुद्दा बनाया।
मतदान के लिए प्रशासन तैयार
मतदान को शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
अब कल होने वाली वोटिंग के बाद यह साफ होगा कि कोटा नगर निगम की कमान किसके हाथ में जाती है। 373 प्रत्याशियों के बीच मुकाबले में युवा वोटर और स्थानीय मुद्दे नतीजों में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
