कोटा में स्पीड लिमिट और नो-पार्किंग के लगेंगे बोर्ड: 1 लाख चालान के बाद लोक अदालत सख्त, NHAI-KDA को दिए निर्देश
कोटा शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए अब प्रमुख सड़कों पर स्पीड लिमिट और नो-पार्किंग के स्पष्ट बोर्ड लगाए जाएंगे। लोक अदालत की सख्ती के बाद संबंधित एजेंसियों को इस दिशा में जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। शहर में बड़ी संख्या में चालान होने के बावजूद कई जगहों पर स्पीड लिमिट और पार्किंग से जुड़े संकेतक स्पष्ट नहीं होने का मुद्दा सामने आया था।
1 लाख से ज्यादा चालान का मामला
ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को लेकर कोटा में बड़ी संख्या में चालान किए जा चुके हैं। इनमें तेज रफ्तार और गलत तरीके से वाहन खड़ा करने जैसे मामले भी शामिल हैं। लोक अदालत में मामले पहुंचने के बाद सड़क पर यातायात संकेतक और नियमों की जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने की जरूरत पर जोर दिया गया।
NHAI और KDA को दिए निर्देश
शहर की सड़कों पर जरूरी जगहों पर स्पीड लिमिट, नो-पार्किंग और अन्य ट्रैफिक संकेतक लगाने के लिए NHAI और कोटा विकास प्राधिकरण (KDA) को निर्देश दिए गए हैं। कोटा की ट्रैफिक व्यवस्था से जुड़े प्रावधानों में भी साइन-सिग्नल, पार्किंग स्थान और स्पीड ब्रेकर से जुड़े दिशा-निर्देश निर्धारित करने की व्यवस्था है।
चालान के साथ जागरूकता पर भी जोर
प्रशासन की कोशिश है कि वाहन चालकों को नियमों की जानकारी सड़क पर ही स्पष्ट रूप से मिल सके। स्पीड लिमिट और नो-पार्किंग के बोर्ड लगने से वाहन चालकों को संबंधित सड़क या स्थान पर लागू नियमों की जानकारी आसानी से मिल सकेगी।
नो-पार्किंग में वाहन खड़ा करने पर कार्रवाई
मोटर वाहन नियमों के तहत नो-पार्किंग संकेत वाले स्थान पर वाहन खड़ा करना नियमों का उल्लंघन माना जाता है। हालिया न्यायिक फैसले में भी नो-पार्किंग साइन वाले स्थान पर वाहन खड़ा करने को लेकर कार्रवाई को बरकरार रखा गया है।
कोटा में अब संबंधित विभागों की जिम्मेदारी होगी कि प्रमुख सड़कों और संवेदनशील स्थानों पर जरूरी संकेतक समय पर लगाए जाएं। इससे ट्रैफिक नियमों के पालन को बढ़ावा देने के साथ सड़क पर वाहन संचालन और पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
