कोटा में स्पीकर ओम बिरला का बयान: IIT स्थापना में पक्षपात का आरोप, KEDL पर भी तीखी टिप्पणी
कोटा में सोमवार रात एक कार्यक्रम के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कई अहम मुद्दों पर बयान देते हुए राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज कर दी। उन्होंने आईआईटी स्थापना से जुड़े फैसले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कोटा के साथ पक्षपात हुआ है और इस मुद्दे पर शहर को उसका उचित हक नहीं मिला।
ओम बिरला ने कहा कि आईआईटी की स्थापना को लेकर कोटा का मजबूत दावा होने के बावजूद इसे जोधपुर ले जाया गया। उन्होंने इस निर्णय को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कोटा की प्रतिभा और शैक्षणिक माहौल के साथ अन्याय जैसा था। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में एक बार फिर आईआईटी स्थापना से जुड़े पुराने फैसलों पर चर्चा शुरू हो गई है।
इसी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने निजी बिजली कंपनी केईडीएल (KEDL) को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। ओम बिरला ने कहा कि बिजली कंपनी को जनता पर अनावश्यक बोझ डालकर “लूट” मचाने की प्रवृत्ति बंद करनी चाहिए, अन्यथा वह दिन दूर नहीं जब कंपनी को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे और स्थिति बंद होने की कगार तक पहुंच सकती है। उनके इस बयान को स्थानीय स्तर पर बिजली व्यवस्था और बिलिंग से जुड़ी शिकायतों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान ओम बिरला ने कोटा के श्रीनाथपुरम क्षेत्र में बनने वाले संविधान पार्क का शिलान्यास भी किया। इस अवसर पर उन्होंने संविधान के मूल्यों और डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को याद करते हुए कहा कि संविधान पार्क आने वाली पीढ़ियों को लोकतांत्रिक मूल्यों और अधिकारों के प्रति जागरूक करेगा।
अशोक गहलोत का उल्लेख करते हुए उन्होंने आईआईटी स्थापना से जुड़े निर्णय पर अप्रत्यक्ष रूप से राज्य की पूर्व सरकारों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, कोटा जैसे शिक्षा केंद्र को उस समय अपेक्षित अवसर नहीं मिल पाया, जिसका असर आज भी महसूस किया जाता है।
कार्यक्रम में मौजूद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने संविधान पार्क की स्थापना को शहर के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उनका कहना था कि इससे न केवल क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी, बल्कि युवाओं को संविधान के प्रति जागरूक करने में भी मदद मिलेगी।
इस पूरे कार्यक्रम के बाद कोटा में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और विभिन्न दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं प्रशासनिक स्तर पर संविधान पार्क के निर्माण कार्य को समय पर पूरा करने की तैयारी की जा रही है।
फिलहाल, ओम बिरला के बयानों ने एक बार फिर कोटा की शैक्षणिक पहचान, बुनियादी ढांचे और बिजली व्यवस्था को लेकर बहस को हवा दे दी है।
