कोटा में ग्राम पंचायतों के आरक्षण की स्थिति जारी, 210 पंचायतों में 103 अनारक्षित; SC के लिए 51 सीटें
पंचायतीराज चुनावों की तैयारियों के बीच कोटा जिले की ग्राम पंचायतों में आरक्षण की तस्वीर सामने आ गई है। जिले की 6 पंचायत समितियों के अंतर्गत आने वाली 210 ग्राम पंचायतों में अलग-अलग वर्गों के लिए आरक्षण निर्धारित किया गया है। इनमें अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अनारक्षित पंचायतें शामिल हैं।
51 पंचायतें SC के लिए आरक्षित
कोटा जिले की 210 ग्राम पंचायतों में से 51 पंचायतें अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित रखी गई हैं। इनमें सांगोद और सुल्तानपुर पंचायत समितियों में SC वर्ग के लिए सबसे अधिक 11-11 ग्राम पंचायतें आरक्षित हैं। आरक्षण की यह स्थिति संबंधित क्षेत्रों में पंचायत चुनाव के समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।
ST के लिए 37 पंचायतें आरक्षित
वहीं, 37 ग्राम पंचायतें अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लिए आरक्षित की गई हैं। उपलब्ध आरक्षण विवरण के अनुसार इटावा और सुल्तानपुर में ST वर्ग के लिए 11-11 पंचायतें आरक्षित रखी गई हैं। इससे इन पंचायत समितियों के तहत आने वाले गांवों में चुनाव लड़ने वाले संभावित उम्मीदवारों के समीकरण बदल गए हैं।
OBC के लिए 19 ग्राम पंचायतें
आरक्षण व्यवस्था के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 19 ग्राम पंचायतें निर्धारित की गई हैं। इन पंचायतों में संबंधित वर्ग के उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने का अवसर मिलेगा। पंचायत चुनाव से पहले आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद संभावित प्रत्याशियों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
103 पंचायतें रहेंगी अनारक्षित
कोटा जिले की कुल 210 ग्राम पंचायतों में से 103 पंचायतें अनारक्षित रखी गई हैं। यानी इन पंचायतों में आरक्षित वर्गों के अलावा अन्य पात्र उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में उतर सकेंगे।
आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी गतिविधियां तेज होने की संभावना है। संभावित उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क बढ़ाने में जुट सकते हैं। वहीं, राजनीतिक दल भी आरक्षण के अनुसार पंचायत स्तर पर चुनावी रणनीति तैयार करेंगे।
