कोटा में आज प्रधान पदों की आरक्षण लॉटरी, 6 पंचायत समितियों में तय होगा आरक्षण; 47% पद महिलाओं के लिए
कोटा जिले में पंचायतीराज चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। चुनाव से पहले पंचायत समितियों के प्रधान पदों के लिए बुधवार को आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। जिले में कुल छह पंचायत समितियां हैं। लॉटरी के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि किस पंचायत समिति का प्रधान पद किस वर्ग के लिए आरक्षित रहेगा।
जानकारी के अनुसार, जिले की छह पंचायत समितियों में से तीन प्रधान पद सामान्य वर्ग के लिए रखे जाएंगे। वहीं एक-एक पद अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित होगा। इसके साथ ही महिलाओं के लिए भी आरक्षण का प्रावधान लागू किया जाएगा। कुल पदों में करीब 47 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगे।
प्रधान पदों की आरक्षण लॉटरी को लेकर संभावित उम्मीदवारों में खासा उत्साह है। लंबे समय से चुनाव की तैयारी कर रहे दावेदार अब लॉटरी के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद कई उम्मीदवारों की चुनावी रणनीति तय होगी। जिन पंचायत समितियों में प्रधान पद आरक्षित होगा, वहां संबंधित वर्ग के संभावित प्रत्याशी सक्रिय होंगे।
बुधवार को होने वाली लॉटरी प्रशासन की ओर से निर्धारित नियमों और आरक्षण रोस्टर के आधार पर निकाली जाएगी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी छह पंचायत समितियों के प्रधान पदों की आरक्षण स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। इसके साथ ही यह भी सामने आएगा कि किन पंचायत समितियों में महिला उम्मीदवारों के लिए प्रधान पद आरक्षित होगा।
पंचायतीराज चुनाव में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए आरक्षण व्यवस्था के तहत महिला प्रत्याशियों को प्रतिनिधित्व दिया जाता है। कोटा जिले में भी प्रधान पदों के आरक्षण में महिलाओं के लिए निर्धारित हिस्सेदारी लागू होगी। इससे कई पंचायत समितियों में महिला दावेदारों के लिए चुनाव लड़ने का रास्ता खुलेगा।
आरक्षण लॉटरी के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। संभावित प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क शुरू करेंगे और राजनीतिक दल भी आरक्षित सीटों के हिसाब से उम्मीदवारों को लेकर रणनीति तैयार करेंगे।
फिलहाल कोटा जिले की सभी छह पंचायत समितियों में प्रधान पदों की आरक्षण लॉटरी को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार को होने वाली प्रक्रिया के बाद यह तस्वीर साफ हो जाएगी कि कौन सा प्रधान पद सामान्य, एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित है और महिलाओं के लिए आरक्षण किस तरह लागू होगा।
