राजधानी एक्सप्रेस के एसी कोच में आग से हड़कंप: यात्रियों ने रेलवे पर लापरवाही का लगाया आरोप, मुआवजे की मांग तेज
कोटा रेल मंडल में राजधानी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12431) के एक एसी कोच में आग लगने की घटना ने यात्रियों में दहशत फैला दी। घटना के बाद कोच में सवार यात्रियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए जीआरपी कोटा में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। यात्रियों का कहना है कि यह हादसा रेलवे की लापरवाही के कारण हुआ, जिससे न केवल उनकी जान को खतरा उत्पन्न हुआ बल्कि उनका कीमती सामान भी जलकर नष्ट हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यात्रा के दौरान अचानक एसी कोच में धुआं उठने लगा, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति को गंभीर होता देख यात्रियों ने तुरंत इसकी सूचना ट्रेन स्टाफ को दी। हालांकि, कुछ ही देर में आग की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे कोच में मौजूद यात्रियों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा।
यात्रियों ने आरोप लगाया है कि कोच की तकनीकी जांच और रखरखाव में लापरवाही बरती गई, जिसके कारण यह हादसा हुआ। उनका कहना है कि अगर समय रहते स्थिति पर नियंत्रण नहीं पाया जाता तो यह घटना बड़े हादसे में बदल सकती थी।
घटना के बाद प्रभावित यात्रियों ने जीआरपी कोटा को शिकायत सौंपते हुए रेलवे प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है। यात्रियों ने कहा कि आग की वजह से उनका सामान जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। साथ ही, उन्होंने रेलवे से इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है।
जीआरपी कोटा ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर रेलवे इंजीनियरिंग और तकनीकी टीम को भी जांच में शामिल किया गया है ताकि आग लगने के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार की जाएगी। यदि किसी प्रकार की तकनीकी खराबी या लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी एसी कोचों की जांच प्रक्रिया को और सख्त किया जाएगा। साथ ही, ट्रेन संचालन से पहले तकनीकी निरीक्षण को अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह घटना रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर रही है। यात्रियों का कहना है कि यदि नियमित रखरखाव और सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए, तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।
फिलहाल, जीआरपी और रेलवे दोनों ही स्तर पर जांच जारी है और यात्रियों को उचित मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया पर भी विचार किया जा रहा है।
