राजस्थान का ऐतिहासिक बारां डोल मेला शुरू, 750 पुलिसकर्मी, ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी इतने कड़े है सुरक्षा इंतजाम
हाड़ौती अंचल का ऐतिहासिक डोल मेला बुधवार से शुरू हो गया है। यह 150 साल पुराना धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, जिसमें राजस्थान के अलावा मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक शामिल होते हैं। इस वर्ष प्रशासन ने आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं।
धारा 163 लागू, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मेले के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बारां जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने 2 सितंबर से पूरे क्षेत्र में धारा 163 लागू करने के आदेश जारी किए हैं। यह अगले 20 दिनों तक प्रभावी रहेगा। जिला प्रशासन और पुलिस ने मिलकर मेले को सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक योजना तैयार की है।
750 पुलिसकर्मी, ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी
बारां के पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासू के अनुसार, मेले की सुरक्षा के लिए 750 पुलिसकर्मियों की एक बड़ी टीम तैनात की गई है। भीड़भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील स्थानों पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। इसके लिए 100 से ज़्यादा सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। मेले के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मेला परिसर में एक अस्थायी पुलिस चौकी भी स्थापित की गई है।
फ़्लैग मार्च और शांति की अपील
आगामी त्योहारों और सामाजिक आयोजनों को देखते हुए, ज़िला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। हाल ही में, पुलिस और प्रशासन द्वारा शहर के मुख्य मार्गों और संवेदनशील इलाकों में फ़्लैग मार्च भी निकाला गया। इस दौरान ज़िला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर और पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासू ने आम जनता से बात की और अफ़वाहों पर ध्यान न देने की अपील की। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मज़बूत करने के लिए हर संभव कदम उठाए हैं।
डोल मेले का क्या महत्व है?
बारां का डोल मेला सिर्फ़ एक मेला नहीं, बल्कि इस क्षेत्र की सदियों पुरानी परंपरा का प्रतीक है। यह आयोजन धार्मिक सद्भाव और आपसी भाईचारे को दर्शाता है। 150 वर्षों से चली आ रही यह परंपरा हर साल हज़ारों लोगों को आकर्षित करती है, जिससे यह आयोजन बारां ज़िले का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण आयोजन बन जाता है।
श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए विशेष व्यवस्था
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रशासन ने भी कई इंतजाम किए हैं। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए भी विशेष योजना बनाई गई है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासू ने बताया कि असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की गड़बड़ी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
