PWD के क्वालिटी कंट्रोल विंग में 15 लाख के गबन की जांच तेज, 59 फर्जी चालानों की पड़ताल
कोटा के सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के क्वालिटी कंट्रोल विंग में सामने आए करीब 15 लाख रुपए के गबन मामले की जांच लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। मामले की गंभीरता को देखते हुए जयपुर मुख्यालय से आई जांच कमेटी ने बुधवार को एसीई कार्यालय पहुंचकर रिकॉर्ड और दस्तावेजों की गहन जांच की।
जांच टीम ने दिनभर विभिन्न वित्तीय दस्तावेजों, भुगतान संबंधी रिकॉर्ड और कार्यालयी फाइलों की पड़ताल की। इस दौरान 59 फर्जी चालानों समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की गई। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी बिल और चालानों के जरिए सरकारी राशि का गबन कैसे किया गया और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान लैब अटेंडेंट कन्हैयालाल और राहुल को दोबारा बुलाकर विस्तृत पूछताछ की गई। दोनों कर्मचारियों से दस्तावेजों, भुगतान प्रक्रिया और संदिग्ध लेन-देन के संबंध में जानकारी ली गई। जांच टीम उनके बयानों का मिलान रिकॉर्ड में मौजूद दस्तावेजों से भी कर रही है।
गौरतलब है कि क्वालिटी कंट्रोल विंग में वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग की शिकायतों के बाद यह मामला सामने आया था। प्रारंभिक जांच में करीब 15 लाख रुपए के गबन की आशंका जताई गई थी, जिसके बाद उच्च स्तर पर जांच के आदेश दिए गए।
फिलहाल जांच कमेटी पूरे मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। दस्तावेजों की जांच और कर्मचारियों से पूछताछ के आधार पर आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
