एक महीने से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहीं प्रसूताएं, डायलिसिस और वेंटिलेटर के सहारे चल रहा उपचार
कोटा मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कई प्रसूताएं जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही हैं। उनकी जान फिलहाल डायलिसिस और वेंटिलेटर जैसी जीवन रक्षक चिकित्सा सुविधाओं के सहारे टिकी हुई है।
लगातार चल रहा उपचार
अस्पताल में भर्ती इन प्रसूताओं का विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उपचार किया जा रहा है। कुछ मरीजों की किडनी प्रभावित होने के कारण नियमित डायलिसिस किया जा रहा है, जबकि गंभीर स्थिति वाली मरीजों को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।
स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद
चिकित्सकों का कहना है कि मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मेडिकल टीम उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार उपचार कर रही है। हालांकि कुछ मामलों में सुधार के संकेत मिले हैं, लेकिन कई प्रसूताओं की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।
परिजनों की बढ़ी चिंता
एक महीने से अधिक समय से अस्पताल में भर्ती रहने के कारण मरीजों के परिजनों की चिंता भी बढ़ गई है। वे लगातार डॉक्टरों से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ले रहे हैं और मरीजों के जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद कर रहे हैं।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में नेफ्रोलॉजी, क्रिटिकल केयर और अन्य विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टर मरीजों के उपचार में जुटे हुए हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की नजर
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मरीजों के उपचार और स्वास्थ्य प्रगति की नियमित समीक्षा की जा रही है, ताकि उन्हें समय पर आवश्यक चिकित्सा सहायता मिल सके।
फिलहाल अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं के स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद के साथ उपचार जारी है और परिजन उनके जल्द स्वस्थ होकर घर लौटने की प्रार्थना कर रहे हैं।
