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पेंच अभयारण्य: पांचवें दिन भी बाघिन को ट्रेंकुलाइज करने में नाकामी, सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा

 
पेंच अभयारण्य: पांचवें दिन भी बाघिन को ट्रेंकुलाइज करने में नाकामी, सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा

एमपी और महाराष्ट्र की सीमाओं में फैले पेंच टाइगर रिजर्व में चल रहा बाघिन (पीएन 224) को ट्रेंकुलाइज करने का अभियान मंगलवार को लगातार पांचवें दिन भी सफल नहीं हो सका। जॉइंट फील्ड टीमों को पूरे दिन तलाश करने के बाद भी बाघिन की कोई सटीक लोकेशन नहीं मिल पाई। वन विभाग ने दोपहर के बाद दिनभर की खोजबीन रोक दी, जबकि बुधवार सुबह से ऑपरेशन दोबारा शुरू किया जाएगा।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बाघिन की मूवमेंट अनियमित है, जिसके कारण उसे ढूंढना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। टीमों ने सुबह से कई संभावित इलाकों में सर्च किया, पैग ट्रैकिंग की और कैमरों से मिली पुरानी फुटेज का विश्लेषण भी किया, लेकिन ताज़ा लोकेशन का कोई संकेत नहीं मिला। अधिकारियों का कहना है कि घने जंगल, ऊँचे ढलान और फैला हुआ क्षेत्र टीमों की सबसे बड़ी कठिनाई बन रहे हैं।

जॉइंट ऑपरेशन में एमपी और महाराष्ट्र के वनकर्मियों के साथ-साथ ट्रैकर टीमें, रेस्क्यू यूनिट और टेक्निकल सपोर्ट स्टाफ शामिल हैं। टीमों ने बताया कि लगातार प्रयास जारी हैं और बाघिन के छोड़े गए पशु-चिन्हों, ट्रेल और संभावित मूवमेंट पैटर्न के आधार पर बुधवार को नई रणनीति अपनाई जाएगी।

अभियान में शामिल विशेषज्ञों का कहना है कि बाघिन को सुरक्षित तरीके से ट्रेंकुलाइज करना प्राथमिकता है। इस प्रक्रिया में किसी भी तरह की जल्दबाज़ी से बचा जा रहा है ताकि जानवर और टीम, दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। वन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि अभियान के दौरान जंगल क्षेत्र में मानवीय हस्तक्षेप सीमित रखा जा रहा है, ताकि बाघिन परेशान न हो और उसकी गतिविधियों पर निगरानी जारी रखी जा सके।

अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को टीमों को अलग-अलग समूहों में भेजकर सर्च ज़ोन को और विस्तारित किया जाएगा। साथ ही, रात में कैमरा ट्रैप से मिलने वाले फुटेज और टेक्निकल डेटा के आधार पर सुबह की रणनीति तैयार की जाएगी।

वन विभाग का कहना है कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक बाघिन को सुरक्षित रूप से लोकेट कर ट्रेंकुलाइज नहीं कर लिया जाता। विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों से भी अपील की है कि वे जंगल क्षेत्र में अनावश्यक आवाजाही से बचें और किसी भी मूवमेंट की जानकारी तुरंत अधिकारियों को दें।