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दशहरा पर रावण तलवार चलाकर गर्दन घुमाता आएगा नजर: मूंछें भी हिलाएगा; 105 फीट से ज्यादा ऊंचे पुतले को बनाने दिल्ली से आए कारीगर

 
दशहरा पर रावण तलवार चलाकर गर्दन घुमाता आएगा नजर: मूंछें भी हिलाएगा; 105 फीट से ज्यादा ऊंचे पुतले को बनाने दिल्ली से आए कारीगर

दशहरा पर्व को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार शहर में रावण दहन का आयोजन खास अंदाज में देखने को मिलेगा। दशहरा मैदान में 105 फीट से ज्यादा ऊंचे रावण के पुतले का निर्माण किया जा रहा है। इस पुतले की सबसे खास बात यह होगी कि रावण सिर्फ खड़ा हुआ नजर नहीं आएगा, बल्कि तलवार चलाता और अपनी गर्दन घुमाता दिखाई देगा। इसके साथ ही उसकी मूंछों को भी इस तरह तैयार किया जा रहा है कि वे हिलती हुई नजर आएंगी।

रावण के इस अनोखे पुतले को तैयार करने के लिए दिल्ली से विशेष कारीगर बुलाए गए हैं। कारीगर कई दिनों से मैदान में रहकर पुतले को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। विशाल आकार के कारण पुतले का निर्माण कई चरणों में किया जा रहा है। इसकी मजबूती और सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

तलवार चलाने और गर्दन घुमाने की होगी व्यवस्था

इस बार रावण के पुतले में कई तरह के मैकेनिकल इफेक्ट लगाए जा रहे हैं। दहन से पहले रावण तलवार चलाता हुआ दिखाई देगा। उसकी गर्दन को भी घुमाने की व्यवस्था की जा रही है। मूंछों को हिलने वाला रूप दिया गया है, जिससे दर्शकों को पुतला पहले से ज्यादा जीवंत नजर आएगा।

आयोजकों के अनुसार, रावण के पुतले में लगाए जा रहे इन विशेष इफेक्ट्स का उद्देश्य दशहरा आयोजन को आकर्षक बनाना है। जैसे-जैसे दहन का समय नजदीक आएगा, पुतले के अलग-अलग हिस्सों को सक्रिय किया जाएगा।

दिल्ली से आए कारीगर कर रहे निर्माण

इतने बड़े आकार के पुतले को तैयार करना सामान्य काम नहीं है। इसके लिए दिल्ली से अनुभवी कारीगरों की टीम बुलाई गई है। टीम पुतले के ढांचे से लेकर चेहरे, मुकुट, मूंछ, हाथ और तलवार तक के हिस्सों को तैयार कर रही है।

कारीगरों की टीम पुतले की ऊंचाई और ढांचे की मजबूती के साथ-साथ इसमें लगाए जाने वाले मैकेनिकल सिस्टम पर भी काम कर रही है। 105 फीट से अधिक ऊंचाई होने के कारण निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का भी ध्यान रखा जा रहा है।

दशहरा मैदान में जुटेगा लोगों का हुजूम

रावण दहन को देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में लोग मैदान में पहुंचते हैं। इस बार रावण के पुतले में किए जा रहे विशेष बदलावों के कारण आयोजन को लेकर लोगों में उत्सुकता और बढ़ गई है। तलवार चलाते, गर्दन घुमाते और मूंछें हिलाते रावण को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है।

आयोजक रावण दहन के साथ पूरे कार्यक्रम को भव्य बनाने की तैयारियों में जुटे हैं। पुतले का निर्माण पूरा होने के बाद इसकी अंतिम जांच की जाएगी। दशहरा के दिन निर्धारित समय पर रावण दहन किया जाएगा और आतिशबाजी के बीच 105 फीट से ज्यादा ऊंचे रावण के पुतले का दहन होगा।