कोटा में मानसून की बेरुखी से बढ़ी चिंता, अच्छी बारिश की कामना को लेकर निकाली गई घास भैरव की सवारी
राजस्थान के कई हिस्सों की तरह कोटा में भी मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। बारिश थमने के बाद गर्मी और उमस का असर लगातार बना हुआ है। तापमान में बढ़ोतरी के साथ लोगों को एक बार फिर गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में शहरवासियों ने अच्छी बारिश की कामना को लेकर धार्मिक आयोजन शुरू कर दिए हैं।
रविवार को कोटा शहर के छावनी इलाके स्थित कुम्हारों के मोहल्ले से घास भैरव का नगर भ्रमण करवाया गया। करीब 4.5 किलोमीटर लंबी इस धार्मिक यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। लोगों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान से मानसून में अच्छी बारिश की प्रार्थना की।
व्यापारियों और महिलाओं ने की पूजा-अर्चना
घास भैरव के नगर भ्रमण के दौरान शहर के व्यापारियों और महिलाओं ने जगह-जगह पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने भगवान से क्षेत्र में पर्याप्त बारिश होने और किसानों सहित आमजन को राहत मिलने की कामना की।
परंपरा के अनुसार, घास भैरव की सवारी निकालकर बारिश के लिए प्रार्थना की जाती है। इसी धार्मिक आस्था के तहत रविवार को शहर में यह आयोजन किया गया। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला।
बारिश नहीं होने से बढ़ी परेशानी
कोटा में मानसून की शुरुआत के बाद कुछ समय तक बारिश का दौर चला, लेकिन पिछले कुछ दिनों से बारिश पर ब्रेक लगा हुआ है। इसके चलते उमस और गर्मी बढ़ गई है। मौसम में बदलाव के बावजूद पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ रही है।
किसानों को खरीफ फसलों के लिए अच्छी बारिश का इंतजार है। वहीं, शहरों में भी गर्मी और उमस से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
धार्मिक आस्था के साथ बारिश की उम्मीद
स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून की अच्छी बारिश क्षेत्र के लिए बेहद जरूरी है। बारिश से जहां किसानों को फायदा मिलेगा, वहीं जल स्रोतों में भी सुधार होगा। इसी उम्मीद के साथ लोगों ने घास भैरव की पूजा कर जल्द अच्छी बारिश की प्रार्थना की।
धार्मिक आयोजन के दौरान लोगों ने एकजुट होकर मानसून की मेहरबानी की कामना की। अब सभी की नजरें मौसम विभाग के पूर्वानुमान और आने वाले दिनों में होने वाली बारिश पर टिकी हैं।
