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मिडिल ईस्ट संकट का असर: कोटा में पेट्रोल-डीजल के दाम फिर बढ़े, आम जनता पर महंगाई की मार

 
मिडिल ईस्ट संकट का असर: कोटा में पेट्रोल-डीजल के दाम फिर बढ़े, आम जनता पर महंगाई की मार

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक कच्चे तेल बाजार में अस्थिरता का असर अब भारत के घरेलू ईंधन बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। इसी क्रम में आज एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।

जानकारी के अनुसार, कोटा में पेट्रोल के दाम 93 पैसे प्रति लीटर बढ़कर अब 109.38 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं। वहीं डीजल की कीमत में भी 92 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद डीजल का नया दाम 94.64 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। लगातार हो रही इस बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मिडिल ईस्ट क्षेत्र में तनावपूर्ण हालात के चलते सप्लाई चेन पर असर पड़ा है। इसी कारण भारत सहित कई देशों में ईंधन की कीमतों में अस्थिरता देखने को मिल रही है।

कोटा में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि का सीधा असर दैनिक जीवन पर पड़ रहा है। परिवहन लागत बढ़ने से सब्जियों, अनाज और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम भी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ऑटो, टैक्सी और ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोग पहले ही बढ़ती लागत को लेकर परेशान हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर बार अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का असर सीधे आम जनता पर पड़ता है, जिससे घर के बजट पर असर पड़ता है। लगातार बढ़ती कीमतों के चलते लोगों को अपने खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है।

वहीं पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार, कीमतों में बदलाव का सीधा असर बिक्री पर भी देखने को मिलता है। कई लोग अब निजी वाहनों का उपयोग कम कर रहे हैं और सार्वजनिक परिवहन की ओर रुख कर रहे हैं।

सरकार और तेल विपणन कंपनियों की ओर से फिलहाल कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर कोई विशेष राहत उपाय की घोषणा नहीं की गई है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार स्थिर होता है तो आने वाले दिनों में कीमतों में कुछ राहत मिल सकती है।

कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट संकट का असर अब स्थानीय बाजारों तक पहुंच चुका है और कोटा में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में यह बढ़ोतरी आम जनता के लिए एक नई चुनौती बनकर सामने आई है।