PWD के ई-ग्रास पोर्टल पर बड़ा फर्जीवाड़ा, 59 ऑनलाइन चालान जांच में निकले फर्जी
सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के क्वालिटी कंट्रोल (गुण नियंत्रण खंड, जोन कोटा) में ई-ग्रास पोर्टल से जुड़ी एक गंभीर अनियमितता सामने आई है। विभागीय जांच में क्वालिटी कंट्रोल के लिए ऑनलाइन जमा कराए गए 59 चालान (रसीदें) फर्जी पाए गए हैं। मामले के सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।
जूनियर अकाउंटेंट की जांच में हुआ खुलासा
जानकारी के अनुसार खंड के जूनियर अकाउंटेंट द्वारा नियमित जांच के दौरान ई-ग्रास पोर्टल पर जमा चालानों का सत्यापन किया गया। जांच में पाया गया कि कई चालानों की जानकारी पोर्टल के रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रही थी। विस्तृत पड़ताल के बाद कुल 59 चालान संदिग्ध पाए गए, जो बाद में फर्जी साबित हुए।
क्वालिटी कंट्रोल शुल्क के नाम पर गड़बड़ी की आशंका
प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि क्वालिटी कंट्रोल संबंधी प्रक्रियाओं के लिए जमा कराए जाने वाले शुल्क के नाम पर फर्जी रसीदों का उपयोग किया गया। हालांकि यह फर्जीवाड़ा किस स्तर पर और किन लोगों की मिलीभगत से हुआ, इसकी जांच अभी जारी है।
विभाग ने शुरू की विस्तृत जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है। फर्जी चालानों के जरिए हुए संभावित वित्तीय नुकसान का आकलन किया जा रहा है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन रसीदों का इस्तेमाल किन कार्यों या फाइलों में किया गया।
जिम्मेदारों पर हो सकती है कार्रवाई
विभागीय सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। आवश्यकता पड़ने पर मामला पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों को भी सौंपा जा सकता है।
डिजिटल व्यवस्था की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने सरकारी ऑनलाइन भुगतान प्रणाली और दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए डिजिटल सत्यापन प्रणाली को और मजबूत बनाने की जरूरत है।
फिलहाल विभाग पूरे मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है और जांच पूरी होने के बाद ही फर्जीवाड़े की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।
