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कोटा में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने चंबल किनारे बसे 1 लाख से ज्यादा लोगों को नए साल का बड़ा तोहफा दिया

 
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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नए साल की शुरुआत में चंबल नदी के किनारे बसे एक लाख से ज्यादा लोगों को राहत और विकास का बड़ा तोहफा दिया है। हैंगिंग ब्रिज से कोटा बैराज के बीच बसे 40 हजार से अधिक घर अब चंबल घड़ियाल अभयारण्य की सीमा से मुक्त हो गए हैं। यह क्षेत्र सालों से विकास और सुरक्षा की समस्याओं के कारण पिछड़ता रहा था।

स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से यह इलाका विकास से वंचित रहा। इस क्षेत्र में खेती, आवास और सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव था। अब चंबल घड़ियाल अभयारण्य की सीमा से मुक्त होने के बाद यहां स्थायी घर, सरकारी योजनाओं का लाभ और अन्य नागरिक सुविधाओं का विस्तार संभव हो जाएगा।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मौके पर कहा कि यह निर्णय जनहित और विकास को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने बताया कि अब इन घरों और निवासियों को सरकारी योजनाओं जैसे बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधाएं मिलने में कोई रोक नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि चंबल क्षेत्र में वर्षों से लोग विकास के लिए संघर्ष कर रहे थे और अब उन्हें वह अधिकार और सुविधाएं मिलेंगी, जिसके वे हकदार हैं।

इस अवसर पर स्थानीय प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि हैंगिंग ब्रिज से कोटा बैराज तक इस क्षेत्र में अब सरकारी योजनाओं का कार्य तेजी से शुरू किया जाएगा। इसके अलावा, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के लिहाज से भी क्षेत्र को अधिक सुरक्षित बनाने के कदम उठाए जाएंगे।

स्थानीय निवासियों ने ओम बिरला के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे नए साल का सबसे बड़ा तोहफा बताया। उनका कहना है कि अब उन्हें अपने घरों और जमीन के अधिकार मिलने से भविष्य में सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों का लाभ मिलेगा। बच्चों के लिए स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाएं, किसानों के लिए सिंचाई योजनाएं और ग्रामीण विकास के अन्य कार्यक्रमों का संचालन आसानी से किया जा सकेगा।

इस अवसर पर प्रशासन ने भी कहा कि चंबल नदी के किनारे बसे इस क्षेत्र में अब पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ विकास कार्यों को संतुलित रूप से आगे बढ़ाया जाएगा। स्थानीय लोगों को यह भरोसा दिया गया कि अब वे अभयारण्य की सीमा के चलते किसी भी तरह की बाधा का सामना नहीं करेंगे।

कोटा बैराज और हैंगिंग ब्रिज के बीच बसे यह क्षेत्र कई सालों तक सरकारी योजनाओं और विकास से वंचित रहा। अब इस ऐतिहासिक निर्णय से यहां की आबादी के लिए रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी संरचना में सुधार की नई राह खुल गई है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी वे इस क्षेत्र के विकास और सुरक्षा के लिए लगातार कदम उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार के सहयोग से चंबल क्षेत्र के लोगों को पूर्ण रूप से विकास की ओर अग्रसर किया जाएगा।