कोटा की स्टार बॉक्सर अरुंधति चौधरी फिनलैंड में दिखाएंगी दम, 30 अक्टूबर से तम्मेर कप में उतरेंगी
राजस्थान की स्टार बॉक्सर अरुंधति चौधरी एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार हैं। वह फिनलैंड के टाम्परे में आयोजित होने वाले 46वें अंतरराष्ट्रीय तम्मेर बॉक्सिंग टूर्नामेंट में भारतीय टीम की ओर से मुकाबला करेंगी। प्रतियोगिता के लिए भारतीय मुक्केबाजी दल में उनका चयन हुआ है। टूर्नामेंट के मुकाबले 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक खेले जाएंगे।
14 सदस्यीय भारतीय टीम में शामिल अरुंधति
तम्मेर कप के लिए घोषित 14 सदस्यीय भारतीय टीम में सात पुरुष और सात महिला मुक्केबाज शामिल हैं। अरुंधति चौधरी महिलाओं के 70 किलोग्राम भार वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। उनके साथ राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता जैस्मिन भी भारतीय टीम की प्रमुख मुक्केबाजों में शामिल हैं।
भारतीय मुक्केबाजी महासंघ ने इस प्रतियोगिता के लिए ऐसे मुक्केबाजों को चुना है, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ खेलने का अनुभव मिल सके। टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से खिलाड़ियों को अपनी तकनीक, रणनीति और प्रदर्शन को बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा।
विश्व स्तर पर पहचान बना चुकी हैं अरुंधति
कोटा की अरुंधति चौधरी पहले भी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी हैं। वह राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता हैं और 70 किलोग्राम भार वर्ग में भारत की प्रमुख मुक्केबाजों में गिनी जाती हैं।
नवंबर 2025 में उन्होंने ग्रेटर नोएडा में आयोजित बॉक्सिंग विश्व कप में उज्बेकिस्तान की अजीजा जोकिरोवा को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता था। इस जीत के बाद कोटा लौटने पर उनका भव्य स्वागत किया गया था।
अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल करने का मौका
तम्मेर टूर्नामेंट का आयोजन फिनलैंड के टाम्परे में किया जाता है। यह प्रतियोगिता वर्ष 1977 से आयोजित हो रही है और अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी कैलेंडर में अपनी पहचान रखती है। इस बार मुकाबले विश्व मुक्केबाजी के नियमों के तहत होंगे। 30 अक्टूबर को शुरुआती दौर के मुकाबले, 31 अक्टूबर को सेमीफाइनल और 1 नवंबर को फाइनल खेले जाएंगे।भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के अध्यक्ष अजय सिंह के अनुसार, इस तरह के टूर्नामेंट खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव देने और ओलंपिक भार वर्गों में भारतीय टीम की मजबूती बढ़ाने में मदद करते हैं।
अरुंधति के लिए यह प्रतियोगिता अपनी क्षमता साबित करने और आगामी बड़े मुकाबलों की तैयारी को मजबूत करने का अवसर होगी। अब खेल प्रेमियों की नजरें उनके प्रदर्शन पर रहेंगी और उम्मीद की जा रही है कि वह अपने अनुभव और कौशल के दम पर भारत के लिए पदक जीतने की कोशिश करेंगी।
