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कोटा नगर निगम चुनाव: 373 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद, 49.35% हुआ मतदान

 
कोटा नगर निगम चुनाव: 373 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद, 49.35% हुआ मतदान

नगर निगम चुनाव में मतदान समाप्त होने के साथ ही कोटा शहर के 373 प्रत्याशियों का राजनीतिक भविष्य ईवीएम में कैद हो गया है। नगर निगम के वार्डों में हुए मतदान के बाद अब सभी की निगाहें मतगणना और चुनाव परिणाम पर टिकी हुई हैं। इस बार कोटा में कुल मतदान प्रतिशत 49.35 प्रतिशत रहा।

मतदान के दौरान अलग-अलग वार्डों में वोटिंग प्रतिशत में बड़ा अंतर देखने को मिला। जहां वार्ड संख्या 6 में सबसे ज्यादा 87 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, वहीं वार्ड संख्या 80 में सबसे कम 49.35 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

14 वार्डों में 60 प्रतिशत से कम मतदान

कोटा नगर निगम चुनाव में कई वार्डों में मतदाताओं का उत्साह कम नजर आया। आंकड़ों के अनुसार, शहर के 14 वार्ड ऐसे रहे जहां मतदान प्रतिशत 60 प्रतिशत से नीचे रहा। वहीं कुछ वार्डों में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर मतदान किया।

कम मतदान वाले वार्डों को लेकर राजनीतिक दल अपने-अपने समीकरण लगाने में जुट गए हैं। पार्टियां अब यह आकलन कर रही हैं कि कम मतदान का फायदा किस उम्मीदवार या दल को मिल सकता है।

भाजपा-कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला

कोटा नगर निगम चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। दोनों दलों ने अधिक से अधिक वार्डों में जीत का दावा किया है। इसके अलावा कई वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी मुकाबले को रोचक बना दिया है।

मतदान खत्म होने के बाद अब प्रत्याशी और समर्थक अपने-अपने स्तर पर जीत-हार का गणित लगाने में जुटे हैं। बूथवार मतदान के आंकड़ों के आधार पर संभावित नतीजों का अनुमान लगाया जा रहा है।

बोर्ड गठन को लेकर शुरू होगी सियासत

चुनाव परिणाम के बाद नगर निगम बोर्ड गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। यदि किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है तो निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम हो सकती है।

भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल परिणाम से पहले अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं। पार्षदों को एकजुट रखने और संभावित राजनीतिक समीकरणों को साधने की कवायद भी शुरू हो सकती है।

अब ईवीएम खुलने का इंतजार

373 प्रत्याशियों की किस्मत अब मतगणना के दिन खुलेगी। कोटा नगर निगम की सत्ता किस दल के हाथों में जाएगी, इसका फैसला ईवीएम खुलने के बाद ही होगा। फिलहाल प्रत्याशी और राजनीतिक दल अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं।