कोटा: विधि विज्ञान प्रयोगशाला में पुलिसकर्मियों को सबूत संकलन और नए कानूनों पर प्रशिक्षण
कोटा के क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला में अतिरिक्त निदेशक डॉ. राखी खन्ना के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों के लिए निरंतर प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहे हैं। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को अपराध स्थल से सटीक और वैज्ञानिक तरीके से सबूत इकट्ठा करने, उनका संरक्षण करने और नवीनतम कानूनों की जानकारी प्रदान करने में दक्ष बनाना है।
प्रयोगशाला अधिकारियों के अनुसार, प्रशिक्षण में विभिन्न प्रकार के अपराधों से संबंधित फॉरेंसिक तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास कराया जाता है। इसमें मौके पर पैटर्न मापन, फिंगरप्रिंट, डीएनए सैंपल संग्रहण, डिजिटल साक्ष्यों की सुरक्षा और केस फाइलिंग की सही प्रक्रिया शामिल है। साथ ही पुलिसकर्मियों को नए कानूनों, संशोधित धाराओं और अदालत में सबूत पेश करने के मानक तरीकों की भी जानकारी दी जाती है।
डॉ. राखी खन्ना ने बताया कि इस ट्रेनिंग का उद्देश्य केवल तकनीकी ज्ञान बढ़ाना नहीं है, बल्कि पुलिसकर्मियों को अपराध स्थल पर व्यवस्थित दृष्टिकोण अपनाने और फॉरेंसिक प्रमाणों के महत्व को समझाने का भी है। उन्होंने कहा कि सही तरीके से साक्ष्य इकट्ठा करने से मुकदमों में निर्णायक परिणाम आने की संभावना बढ़ जाती है।
प्रशिक्षण में भाग लेने वाले पुलिसकर्मियों ने कहा कि यह कार्यक्रम उनके लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि ऐसे अभ्यास से वास्तविक घटनास्थल पर तुरंत और व्यवस्थित कार्रवाई करने की क्षमता विकसित होती है। पुलिस अधिकारी यह भी मानते हैं कि नए कानूनों और संशोधित धाराओं की जानकारी मिलने से उन्हें केस की सुनवाई और जांच प्रक्रिया में आसानी होती है।
कोटा क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला लगातार यह प्रयास कर रही है कि पुलिसकर्मी आधुनिक तकनीक और विधिक ज्ञान के साथ अपराधों की जांच में दक्ष बनें। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की ट्रेनिंग से कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली दोनों मजबूत होती हैं।
फिलहाल, यह प्रशिक्षण नियमित रूप से जारी है और भविष्य में इसे और व्यापक पैमाने पर चलाने की योजना बनाई जा रही है, ताकि अधिक से अधिक पुलिसकर्मी नवीनतम फॉरेंसिक तकनीक और कानून की जानकारी से लैस हो सकें।
