कोटा में कांग्रेस प्रत्याशी की हिस्ट्रीशीट खोली गई, 23 साल में दर्ज हुए 11 मुकदमे; 4 मामले कोर्ट में विचाराधीन
राजस्थान के कोटा में पंचायत चुनाव के बीच सुल्तानपुर पंचायत समिति के वार्ड-8 से कांग्रेस प्रत्याशी चंद्रप्रकाश मीणा की हिस्ट्रीशीट खोले जाने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, प्रत्याशी के खिलाफ वर्ष 1996 से 2019 के बीच मारपीट, धोखाधड़ी, धमकी, लूट, चौथ वसूली और जानलेवा हमला करने सहित कुल 11 मुकदमे दर्ज हुए थे। इनमें से चार मामले फिलहाल अदालत में विचाराधीन हैं।
पंचायत चुनाव के बीच पुलिस की कार्रवाई
पंचायत चुनाव के माहौल में पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में चर्चा शुरू हो गई है। चंद्रप्रकाश मीणा सुल्तानपुर पंचायत समिति के वार्ड-8 से कांग्रेस प्रत्याशी हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उनके खिलाफ अलग-अलग समय पर कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे।
पुलिस ने उनकी हिस्ट्रीशीट खोली है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि हिस्ट्रीशीट खोलने की कार्रवाई किस तारीख को की गई और इसके लिए पुलिस ने किन विशिष्ट आधारों का उल्लेख किया है।
मारपीट से लेकर चौथ वसूली तक के आरोप
पुलिस के मुताबिक, चंद्रप्रकाश मीणा के खिलाफ दर्ज 11 मुकदमों में मारपीट, धोखाधड़ी, धमकी, लूट, चौथ वसूली और जानलेवा हमला जैसे आरोप शामिल हैं। ये मामले वर्ष 1996 से 2019 के बीच दर्ज हुए थे।
इन मामलों की समयावधि करीब 23 साल है। हालांकि, केवल मुकदमे दर्ज होने से किसी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप साबित नहीं हो जाते। प्रत्येक मामले की स्थिति अलग हो सकती है और उसका फैसला संबंधित न्यायालय में साक्ष्यों के आधार पर होता है।
चार मामले अदालत में विचाराधीन
पुलिस के अनुसार, दर्ज मुकदमों में से चार मामले अदालत में विचाराधीन हैं। इसका अर्थ है कि इन मामलों में न्यायिक प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। शेष सात मामलों की वर्तमान स्थिति, जैसे उनका निस्तारण हुआ या नहीं, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
चुनाव के दौरान आपराधिक रिकॉर्ड चर्चा में
पंचायत चुनाव में उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि और उनके सार्वजनिक रिकॉर्ड को लेकर मतदाताओं की दिलचस्पी रहती है। ऐसे में किसी प्रत्याशी की हिस्ट्रीशीट खोले जाने की कार्रवाई चुनावी माहौल में चर्चा का विषय बन सकती है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस ने चंद्रप्रकाश मीणा के खिलाफ दर्ज पुराने मुकदमों के आधार पर हिस्ट्रीशीट खोली है। चार मामलों के अदालत में विचाराधीन होने की बात भी पुलिस ने बताई है। इन मामलों के अंतिम परिणाम और हिस्ट्रीशीट खोलने के विस्तृत कारणों की जानकारी सामने आने पर मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
