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ग्राम पंचायत प्रशासक ने स्कूल में पढ़ाया संस्कृत का पाठ: बच्चों के बीच बैठकर बताया भाषा और भारतीय संस्कृति का महत्व

 
ग्राम पंचायत प्रशासक ने स्कूल में पढ़ाया संस्कृत का पाठ: बच्चों के बीच बैठकर बताया भाषा और भारतीय संस्कृति का महत्व

ग्राम पंचायत जयस्थल के प्रशासक शुभांक दौराश्री ने सरकारी संस्कृत प्राइमरी स्कूल पहुंचकर विद्यार्थियों के साथ समय बिताया और उन्हें संस्कृत का पाठ पढ़ाया। बच्चों के बीच बैठकर पढ़ाने की उनकी पहल की ग्रामीणों और शिक्षकों ने सराहना की।

इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा के महत्व, उसकी समृद्ध विरासत और भारतीय संस्कृति से उसके गहरे संबंध के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बच्चों को सरल और रोचक तरीके से पढ़ाते हुए उन्होंने संस्कृत सीखने के लिए प्रेरित भी किया।

बच्चों के बीच बैठकर कराया अध्ययन

प्रशासक शुभांक दौराश्री ने कक्षा में विद्यार्थियों के साथ बैठकर संस्कृत के श्लोक और पाठ पढ़ाए। उन्होंने बच्चों से सवाल-जवाब भी किए और पढ़ाई को रुचिकर बनाने का प्रयास किया। विद्यार्थियों ने भी पूरे उत्साह के साथ उनकी बातों को सुना और पाठ में भागीदारी निभाई।

संस्कृत के महत्व पर दिया जोर

उन्होंने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान, संस्कृति और परंपराओं की आधारशिला है। हमारे प्राचीन ग्रंथ, वेद, उपनिषद और अनेक महत्वपूर्ण साहित्य संस्कृत में ही लिखे गए हैं। इसलिए नई पीढ़ी को इस भाषा से जोड़ना समय की आवश्यकता है।

विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन के लिए किया प्रेरित

प्रशासक ने बच्चों से मन लगाकर पढ़ाई करने और संस्कृत सहित सभी विषयों में अच्छी शिक्षा प्राप्त करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है।

शिक्षकों ने जताया आभार

स्कूल के शिक्षकों ने प्रशासक की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासनिक अधिकारी का विद्यार्थियों के बीच आकर पढ़ाना बच्चों के लिए प्रेरणादायक है। इससे विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ेगी और संस्कृत भाषा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होगी।

विद्यालय परिवार ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस तरह की प्रेरक पहल से बच्चों का मनोबल बढ़ेगा और शिक्षा का वातावरण और मजबूत होगा।