कोटा में संदिग्ध दवाओं का डर बरकरार, सुल्तानपुर CHC में तीन मरीजों की बिगड़ी तबीयत
Kota में संदिग्ध दवाओं को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल और जेकेलोन अस्पताल में प्रसूताओं की मौत तथा किडनी फेल होने के मामलों का विवाद अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि अब जिले के सुल्तानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में तीन मरीजों की तबीयत अचानक बिगड़ने का मामला सामने आया है।जानकारी के अनुसार, सुल्तानपुर सीएचसी में इलाज के दौरान तीन मरीजों की हालत खराब हो गई, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। मरीजों को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया गया और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मरीजों की तबीयत बिगड़ने के पीछे दवाओं का असर था या कोई अन्य कारण, लेकिन हाल ही में सामने आए संदिग्ध दवा मामलों के कारण लोगों में डर और चिंता का माहौल बन गया है।स्थानीय लोगों का कहना है that लगातार सामने आ रही घटनाओं ने सरकारी अस्पतालों की दवा व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों और उनके परिजनों में भय का माहौल है और कई लोग इलाज को लेकर आशंकित नजर आ रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच के लिए संबंधित दवाओं के सैंपल लिए जा सकते हैं। साथ ही मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री और उपचार प्रक्रिया की भी जांच की जा रही है।गौरतलब है कि इससे पहले कोटा के मेडिकल कॉलेज अस्पताल और जेकेलोन अस्पताल में प्रसूताओं की मौत और कुछ मरीजों के किडनी फेल होने के मामलों ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी। उन मामलों में भी दवाओं की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे थे और जांच एजेंसियां पूरे प्रकरण की जांच में जुटी हुई हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पतालों में दवाओं की गुणवत्ता और सप्लाई सिस्टम की नियमित जांच बेहद जरूरी है। किसी भी तरह की लापरवाही मरीजों की जान के लिए खतरा बन सकती है। फिलहाल सुल्तानपुर सीएचसी की घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर नजर आ रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि मरीजों की तबीयत बिगड़ने की असली वजह क्या थी।
