कोटा में 25 पैसे का इनामी आदिल मिर्जा पकड़ने को लेकर सिटी और ग्रामीण पुलिस में विवाद
कोटा में कुख्यात हिस्ट्रीशीटर और 25 पैसे का इनामी आदिल मिर्जा को पकड़ने को लेकर 9 जनवरी को पुलिस विभाग के दो अलग-अलग हाथों—कोटा सिटी पुलिस और कोटा ग्रामीण पुलिस—के बीच बड़ी विवादास्पद स्थिति पैदा हो गई।
जानकारी के अनुसार, आदिल मिर्जा को पकड़ने के प्रयास के दौरान दोनों पुलिस इकाइयों के बीच आपसी तालमेल की कमी के चलते मामले में तनाव उत्पन्न हो गया। दोनों टीमों के अधिकारी यह दावा कर रहे हैं कि उन्होंने इस कार्रवाई की योजना बनाई थी और आदिल मिर्जा को पकड़ने का पूरा प्रयास किया, लेकिन पारस्परिक तालमेल न होने के कारण कार्रवाई विवादास्पद हो गई।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि आदिल मिर्जा पर कई गंभीर मामले दर्ज हैं और उसके खिलाफ गिरफ्तारी के प्रयास लंबे समय से चल रहे थे। 9 जनवरी की कार्रवाई के दौरान भी दोनों पक्षों ने अपने-अपने तरीके से आदिल मिर्जा को पकड़ने की कोशिश की, जिससे स्थानीय स्तर पर विवाद पैदा हुआ।
इस मामले ने कोटा पुलिस विभाग में आपसी समन्वय और जिम्मेदारी साझा करने के मुद्दे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि आगे की कार्रवाई में दोनों इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल बनाया जाएगा ताकि ऐसे विवाद फिर से न हों।
वहीं, कुख्यात हिस्ट्रीशीटर आदिल मिर्जा की गिरफ्तारी अभी भी प्राथमिकता बनी हुई है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही उसके खिलाफ पूरी कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में लिया जाएगा।
इस घटना ने आम जनता के बीच भी चर्चा का विषय बना दिया है और लोग चाहते हैं कि पुलिस टीमों में आपसी तालमेल के कारण नागरिकों और कानून व्यवस्था पर असर न पड़े।
