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कोटा में आज डिप्टी मेयर का चुनाव, कांग्रेस बैकफुट पर; BJP उम्मीदवार के निर्विरोध चुने जाने की चर्चा

 
कोटा में आज डिप्टी मेयर का चुनाव, कांग्रेस बैकफुट पर; BJP उम्मीदवार के निर्विरोध चुने जाने की चर्चा

कोटा नगर निगम में डिप्टी मेयर पद के लिए आज चुनाव होना है। मेयर पद पर भाजपा की अनुसुइया गोस्वामी के निर्वाचित होने के बाद अब निगम में डिप्टी मेयर के चुनाव पर सबकी नजर है। 100 सदस्यीय निगम में भाजपा के 57, कांग्रेस के 39 और चार निर्दलीय पार्षद हैं। डिप्टी मेयर चुनाव से पहले कांग्रेस की स्थिति कमजोर नजर आ रही है। पार्टीकी ओर से प्रत्याशी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण मुकाबले को लेकर संशय बना हुआ है। वहीं भाजपा की ओर से भी देर रात तक प्रत्याशी के नाम की औपचारिक घोषणा नहीं की गई थी।

भाजपा के प्रत्याशी पर टिकी नजर

अब निगाहें भाजपा की ओर से घोषित किए जाने वाले प्रत्याशी पर टिकी हैं। निगम में भाजपा के पास 57 पार्षदों का आंकड़ा है, जबकि कांग्रेस के पास 39 पार्षद हैं और चार निर्दलीय पार्षद हैं।ऐसे में भाजपा की ओर से प्रत्याशी का नाम सामने आने के बाद चुनाव की तस्वीर साफ होगी। यदि विपक्ष की ओर से कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं उतरता है, तो चुनाव निर्विरोध हो सकता है। हालांकि, अंतिम स्थिति नामांकन और चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

मेयर चुनाव में भाजपा को मिली थी जीत

इससे एक दिन पहले यानी 25 सितंबर को कोटा नगर निगम के मेयर पद का चुनाव हुआ था। भाजपा की अनुसुइया गोस्वामी ने कांग्रेस की सुनीता सुमन को 65-35 के अंतर से हराया। गोस्वामी को 65 वोट मिले, जबकि सुनीता सुमन को 35 वोट प्राप्त हुए।मेयर चुनाव के दौरान दोनों प्रमुख दलों ने अपने पार्षदों के समर्थन को लेकर सक्रियता दिखाई थी। मतदान गुप्त मतपत्र से हुआ था, इसलिए अतिरिक्त वोट किस ओर गए, यह आधिकारिक तौर पर निर्धारित नहीं किया जा सकता।

आज साफ होगी डिप्टी मेयर की तस्वीर

डिप्टी मेयर के चुनाव में नामांकन और मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि मुकाबला होता है या प्रत्याशी निर्विरोध चुना जाता है। फिलहाल भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों के बीच चुनाव को लेकर गतिविधियां जारी हैं।डिप्टी मेयर का चुनाव पूरा होने के बाद कोटा नगर निगम के नए बोर्ड का नेतृत्व करने वाली टीम औपचारिक रूप से पूरी हो जाएगी। इसके बाद शहर की सफाई, सड़क, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और अन्य नगर निगम सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर नए बोर्ड की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।