डिप्टी मेयर विवेक राजवंशी बोले- कांग्रेस डरकर मैदान में नहीं उतरी, बदनामी से बचने के लिए बहाने ढूंढ रहे; बताईं 3 प्राथमिकताएं
कोटा नगर निगम में भाजपा के विवेक राजवंशी निर्विरोध डिप्टी मेयर चुने गए हैं। शनिवार को उपमहापौर पद के लिए नामांकन की समय सीमा समाप्त होने तक कांग्रेस की ओर से कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा गया। इसके बाद विवेक राजवंशी का निर्विरोध निर्वाचन तय हुआ। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, राजवंशी ने इस घटनाक्रम पर कांग्रेस को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी और अपनी प्राथमिकताओं के बारे में भी बात की।
डिप्टी मेयर चुने जाने के बाद विवेक राजवंशी ने कांग्रेस के चुनाव में प्रत्याशी नहीं उतारने को लेकर कहा कि कांग्रेस डरकर मैदान में नहीं उतरी। उन्होंने दावा किया कि पार्टी अपनी बदनामी से बचने के लिए अलग-अलग बहाने तलाश रही है। यह उनका राजनीतिक बयान है और कांग्रेस की ओर से इस बयान पर प्रतिक्रिया अलग हो सकती है।
दरअसल, कोटा नगर निगम में शुक्रवार को मेयर पद का चुनाव हुआ था। इसके बाद शनिवार को डिप्टी मेयर पद के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू हुई। भाजपा की ओर से विवेक राजवंशी ने अपना नामांकन दाखिल किया। निर्धारित समय तक दूसरा नामांकन नहीं आने के कारण निर्वाचन प्रक्रिया में उनके निर्विरोध चुने जाने की स्थिति बन गई।
विवेक राजवंशी कोटा के वार्ड 54 से पार्षद चुने गए हैं। वह नगर निगम की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं और इससे पहले निगम बोर्ड में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। ताजा रिपोर्टों में उन्हें लगातार चौथी बार पार्षद चुने जाने की जानकारी दी गई है।
डिप्टी मेयर की जिम्मेदारी संभालने के बाद राजवंशी ने कोटा शहर के विकास को लेकर अपनी तीन प्रमुख प्राथमिकताओं का भी जिक्र किया। इनमें शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर करना, सड़कों और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना तथा शहर को व्यवस्थित और बेहतर बनाने पर जोर शामिल है। उनका कहना है कि नगर निगम स्तर पर जनता से जुड़ी समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जाएगी।
राजवंशी के निर्विरोध निर्वाचन के साथ ही कोटा नगर निगम में भाजपा ने मेयर के बाद डिप्टी मेयर पद भी अपने नाम कर लिया है। हालांकि कांग्रेस के चुनाव से दूरी बनाने को लेकर भाजपा नेताओं की ओर से अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। भाजपा नेताओं ने इसे कांग्रेस की रणनीति बताया है, जबकि कांग्रेस का पक्ष इस मुद्दे पर अलग हो सकता है।
अब डिप्टी मेयर के रूप में विवेक राजवंशी के सामने नगर निगम के कामकाज और शहर की स्थानीय समस्याओं को लेकर जिम्मेदारी संभालने की चुनौती होगी। आने वाले दिनों में उनकी बताई प्राथमिकताओं पर निगम स्तर पर कितना काम होता है, इस पर शहर की नजर रहेगी।
