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कोटा में चांदी के 13 छत्र बेचने के मामले पर विवाद: समिति अध्यक्ष बोले- बेचने की कोशिश नहीं, बदले में बड़ा छत्र और पायजेब बनवाने की थी योजना

 
कोटा में चांदी के 13 छत्र बेचने के मामले पर विवाद: समिति अध्यक्ष बोले- बेचने की कोशिश नहीं, बदले में बड़ा छत्र और पायजेब बनवाने की थी योजना

राजस्थान के कोटा शहर में दादाबाड़ी स्थित श्रीकृष्ण मुरारी गोशाला और एसी वाले गणेश मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए गए चांदी के 13 छत्रों को लेकर विवाद सामने आया है। मामले में मंदिर समिति अध्यक्ष ने सफाई देते हुए कहा है कि छत्रों को बेचने की कोई कोशिश नहीं की गई थी, बल्कि इनके बदले बड़ा छत्र और प्रतिमा के लिए पायजेब बनवाने की योजना थी।

समिति अध्यक्ष के बयान के बाद मामले को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि मंदिर में चढ़ाए गए पुराने और छोटे आकार के छत्रों का उपयोग बदलकर उन्हें धार्मिक स्वरूप में ही इस्तेमाल करने की योजना बनाई जा रही थी।

छत्रों के इस्तेमाल को लेकर उठे सवाल

जानकारी के अनुसार, मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से समय-समय पर चांदी के छत्र चढ़ाए गए थे। इन्हीं 13 छत्रों को लेकर आरोप लगे कि इन्हें बेचने की कोशिश की जा रही थी।

मामला सामने आने के बाद श्रद्धालुओं में नाराजगी देखने को मिली और मंदिर प्रबंधन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई।

समिति अध्यक्ष ने दी सफाई

मंदिर समिति अध्यक्ष ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि छत्र बेचने का कोई उद्देश्य नहीं था। उन्होंने बताया कि इन छत्रों को बदलवाकर भगवान के लिए बड़ा छत्र और प्रतिमा के लिए पायजेब तैयार करवाने की योजना थी।

उन्होंने कहा कि मंदिर की संपत्ति और श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी चीजों का पूरा सम्मान किया जाता है और किसी भी तरह की गलत मंशा नहीं थी।

मामले की जानकारी जुटाई जा रही

विवाद सामने आने के बाद मंदिर प्रबंधन और संबंधित पक्षों से जानकारी ली जा रही है। श्रद्धालु भी इस मामले में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।

मंदिरों में चढ़ाई गई वस्तुएं भक्तों की आस्था से जुड़ी होती हैं, इसलिए ऐसे मामलों में प्रबंधन की ओर से स्पष्ट जानकारी देना जरूरी माना जाता है।

फिलहाल समिति अध्यक्ष के स्पष्टीकरण के बाद मामला शांत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, पूरे घटनाक्रम को लेकर आगे की स्थिति संबंधित जांच और बातचीत के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।