कोटा में कांग्रेस का बड़ा ऐलान: दल-बदल और जोड़-तोड़ करने वालों को टिकट नहीं, जीतने वाले उम्मीदवारों पर दांव
कोटा में नगर निकाय चुनाव को लेकर कांग्रेस ने प्रत्याशी चयन की रणनीति साफ कर दी है। कांग्रेस के कोटा प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज ने कहा है कि पार्टी इस बार ऐसे लोगों को टिकट नहीं देगी, जो लगातार दल बदलते रहे हैं या जोड़-तोड़ की राजनीति में शामिल रहे हैं। पार्टी का मुख्य फोकस ऐसे उम्मीदवारों को मैदान में उतारने पर रहेगा, जिनके पास चुनाव जीतने की मजबूत क्षमता हो और जो स्थानीय स्तर पर लोगों के बीच सक्रिय हों।
पुष्पेंद्र भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशियों के चयन में किसी दूसरी पार्टी की सूची का इंतजार नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी की ओर से उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बाद उसके आधार पर कांग्रेस अपने प्रत्याशियों का चयन नहीं करेगी। पार्टी अपने स्तर पर सर्वे और स्थानीय कार्यकर्ताओं से मिले फीडबैक के आधार पर उम्मीदवार तय करेगी।
जीतने वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता
कांग्रेस प्रभारी ने कहा कि चुनाव में पार्टी की प्राथमिकता केवल संगठन से जुड़े नामों तक सीमित नहीं रहेगी। उम्मीदवार ऐसा होना चाहिए जो अपने वार्ड में मजबूत पकड़ रखता हो और जनता के बीच उसकी स्वीकार्यता हो। पार्टी की कोशिश है कि प्रत्येक वार्ड में मजबूत और जीतने की क्षमता रखने वाले प्रत्याशी को ही चुनाव मैदान में उतारा जाए।
पार्टी के भीतर टिकट के लिए दावेदारों को लेकर बैठकों का दौर जारी है। स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से संभावित उम्मीदवारों के बारे में फीडबैक लिया जा रहा है। इसमें उम्मीदवार की स्थानीय सक्रियता, जनता से संपर्क और चुनावी स्थिति जैसे पहलुओं को देखा जा रहा है।
दल-बदल करने वालों पर नजर
पुष्पेंद्र भारद्वाज ने साफ किया कि टिकट वितरण में दल बदलने और राजनीतिक जोड़-तोड़ करने वाले लोगों को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी। पार्टी ऐसे उम्मीदवारों को लेकर सावधानी बरतेगी, जिनकी राजनीतिक निष्ठा पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि स्थानीय निकाय चुनाव में पार्टी के लिए मजबूत संगठन और जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए उम्मीदवार चयन के दौरान स्थानीय कार्यकर्ताओं की राय को भी महत्व दिया जाएगा।
भाजपा की सूची का इंतजार नहीं
नगर निकाय चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबले को देखते हुए दोनों दलों की प्रत्याशी सूचियों पर नजर बनी हुई है। हालांकि कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह भाजपा की सूची का इंतजार नहीं करेगी। पार्टी अपने उम्मीदवारों के नाम तय करने की प्रक्रिया स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ाएगी।
पुष्पेंद्र भारद्वाज के बयान से साफ है कि कांग्रेस कोटा में टिकट वितरण के जरिए मजबूत चुनावी टीम तैयार करने की कोशिश में है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि पार्टी किन चेहरों पर भरोसा जताती है और प्रत्याशियों की सूची कब जारी करती है।
