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कोटा में रिश्वतखोरी का मामला, सीआई और कांस्टेबल पर 7 लाख लेने का आरोप

 
कोटा में रिश्वतखोरी का मामला, सीआई और कांस्टेबल पर 7 लाख लेने का आरोप

Kota जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां चेचट थाना क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों पर रिश्वत लेने के आरोप लगे हैं। जानकारी के अनुसार, चेचट थाने के सीआई सुरेंद्र सिंह विश्नोई और कांस्टेबल महावीर पर आरोप है कि उन्होंने एक मामले में कार्रवाई से बचाने के लिए 7 लाख रुपए की रिश्वत ली।

बताया जा रहा है कि यह मामला मध्यप्रदेश के Sehore स्थित एक निजी अस्पताल “मां नर्मदा” के संचालक से जुड़ा है। आरोप है कि नाबालिग के गर्भपात कराने के मामले में अस्पताल संचालक को छोड़ने के बदले यह रकम ली गई।

सूत्रों के अनुसार, मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। उच्च अधिकारियों ने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर दोनों पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि नाबालिग से जुड़े मामलों में कानून बेहद सख्त है और इस तरह की लापरवाही या अनियमितता गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लेन-देन न्याय प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।

मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर लोग इस घटना को लेकर नाराजगी जता रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

फिलहाल, जांच जारी है और अधिकारियों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने वाले तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही कितनी जरूरी है।