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मुक्तिधाम में दाह संस्कार के बाद गायब हुई अस्थियां, परिजनों में आक्रोश; सुभाष नगर की घटना से उठे सवाल

 
मुक्तिधाम में दाह संस्कार के बाद गायब हुई अस्थियां, परिजनों में आक्रोश; सुभाष नगर की घटना से उठे सवाल

शहर के सुभाष नगर स्थित मुक्तिधाम में दाह संस्कार के बाद अस्थियां गायब होने का बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। घटना के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी और आक्रोश है। परिजनों ने इस मामले में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, सुभाष नगर क्षेत्र निवासी राजेन्द्र जैन (59) का बीमारी के चलते 26 जुलाई को निधन हो गया था। परिवार और रिश्तेदारों की मौजूदगी में उसी दिन दोपहर करीब 1 बजे सुभाष नगर मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

परिजनों के अनुसार, अंतिम संस्कार के बाद तय प्रक्रिया के तहत वे अस्थियां एकत्र करने के लिए मुक्तिधाम पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें अस्थियां नहीं मिलीं। इस बात की जानकारी मिलते ही परिवार के लोगों को गहरा धक्का लगा। देखते ही देखते यह मामला स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

मृतक के परिजनों का कहना है कि अंतिम संस्कार जैसी संवेदनशील प्रक्रिया के बाद अस्थियों का इस तरह गायब होना बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने मुक्तिधाम प्रबंधन की व्यवस्था और निगरानी पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच की मांग की है।

घटना के बाद स्थानीय निवासियों में भी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि मुक्तिधाम जैसे स्थान पर सुरक्षा और व्यवस्था की जिम्मेदारी गंभीरता से निभाई जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

फिलहाल मामले की जानकारी संबंधित लोगों को दी गई है और घटना के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। यह भी जांच का विषय है कि अस्थियां किस परिस्थिति में गायब हुईं और इसमें किसी की लापरवाही रही या नहीं।

परिवार के लिए यह घटना पहले ही दुख की घड़ी में एक और पीड़ा लेकर आई है। परिजनों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।

मुक्तिधाम में हुई इस घटना ने अंतिम संस्कार स्थलों की व्यवस्थाओं और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर बेहतर प्रबंधन और जिम्मेदार कर्मचारियों की तैनाती जरूरी है, ताकि लोगों की भावनाओं से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही न हो।